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सरकारी बैंकों का हुआ कायाकल्प, अब एक लाख करोड़ रुपये का मुनाफा कमाने की राह पर
By DivaNews
04 January 2023
सरकारी बैंकों का हुआ कायाकल्प, अब एक लाख करोड़ रुपये का मुनाफा कमाने की राह पर सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (पीएसबी) ने 2017 से अबतक लंबी दूरी तय की है। उन्होंने 2017 में 85,390 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा दर्ज किया था, जबकि 2021-22 में यह 66,539 करोड़ रुपये के मुनाफे में बदल गया। अनुमान है कि चालू वित्त वर्ष के अंत तक पीएसबी का मुनाफा बढ़कर एक लाख करोड़ रुपये से अधिक हो सकता है। एक समय था जब 21 में 11 पीएसबी को खराब कर्ज के खतरनाक स्तर तक बढ़ जाने के कारण रिजर्व बैंक के त्वरित सुधारात्मक ढांचे के तहत रखा गया था। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को कम पूंजी आधार, गैर-पेशेवर प्रबंधन, हताश कर्मचारियों और भारी अक्षमताओं सहित कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था। इनमें से कई वित्तीय चूक के कगार पर थे, जिससे देश की वित्तीय सुरक्षा के लिए खतरा पैदा हो सकता था। इनके शेयर की कीमतें नीचे गिर रही थीं। इन हालात में पीएसबी के कायाकल्प की पहल तत्कालीन वित्त मंत्री अरुण जेटली और वित्तीय सेवा सचिव राजीव कुमार ने की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार की पहल और सुधारों से एक नई राह तैयार हुई। सरकार ने पिछले पांच वित्त वर्षों, 2016-17 से 2020-21 के दौरान पीएसबी के पुनर्पूंजीकरण के लिए 3,10,997 करोड़ रुपये का अभूतपूर्व निवेश किया। इससे पीएसबी को बेहद जरूरी मदद मिली और उनकी ओर से किसी भी चूक की आशंका खत्म हो गई।
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