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पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान विशाल रैली को संबोधित करने रावलपिंडी पहुंचे
By DivaNews
27 November 2022
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान विशाल रैली को संबोधित करने रावलपिंडी पहुंचे खुद पर हुए जानलेवा हमले के बाद पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान शनिवार को पहली बार एक विशाल रैली को संबोधित करने के लिए रावलपिंडी पहुंचे। खान के साथ चिकित्सकों का एक दल भी है। गत तीन नवंबर को खान पर जानलेवा हमला हुआ था और उन्हें गोली लगी थी। खान रावलपिंडी में अपने समर्थकों को संबोधित करने वाले हैं। उन्होंने कहा है कि नये आम चुनाव की मांग को लेकर उनकी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी (पीटीआई) का यह प्रदर्शन ‘‘पूरी तरह शांतिपूर्ण’’ होगा। खान यहां बरानी विश्वविद्यालय के हेलीपैड पर उतरे, जहां से वह रैली स्थल की ओर रवाना हुए। ‘डॉन’ अखबार की खबर के मुताबिक, पीटीआई नेता फैसल जावेद ने कहा कि खान रावलपिंडी पहुंच गए हैं। देश के सभी हिस्सों से खान समर्थक ‘‘हकीकी आजादी मार्च’’ के लिए रावलपिंडी में जुट रहे हैं जहां ऐतिहासिक मुर्री रोड के बीच सिक्स्थ रोड फ्लाईओवर पर मंच तैयार किया गया है। कुछ उत्साही समर्थकों को रैली स्थल के समीप अल्लामा इकबाल पार्क में अस्थायी टेंट में ठहराया गया है। ये लोग पहले ही शहर में पहुंच चुके हैं। इस बीच, रावलपिंडी पुलिस ने खान की पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को पत्र लिखकर पूर्व प्रधानमंत्री के लिए ‘वीआईपी’ सुरक्षा के प्रावधान के निर्देशों का कार्यान्वयन सुनिश्चित करने का आग्रह किया है। पत्र के मुताबिक, खान को ‘बुलेटप्रूफ जैकेट’ पहनने की भी सलाह देने के साथ ही रैली स्थल के रास्ते में वाहन से बाहर नहीं निकलने पर जोर दिया गया है। खान बुलेटप्रुफ वाहन में लाहौर के अपने जमान पार्क आवास से दोपहर एक बजे रवाना हुए। रावलपिंडी प्रशासन ने यह भी अधिसूचना जारी की है कि इंग्लैंड क्रिक्रेट टीम शीघ्र ही रावलपिंडी पहुंचेगी, इसलिए उस जगह को रैली समाप्त हो जाने के बाद खाली कर दिया जाए। खान (70) ने शुक्रवार को कहा था कि घायल होने के बावजूद वह देश की खातिर रावलपिंडी जाने के लिए अडिग हैं। उन्होंने अपने संदेश में कहा था कि वह देश की असली आजादी के लिए लड़ रहे हैं तथा नये चुनाव की घोषणा होने तक संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने कहा था, ‘‘हम हकीकी आजादी के लिए लड़ाई लड़ रहे हैं। एक सूत्री एजेंडा चुनाव है।’’ उन्होंने अलग से एक चैनल से कहा कि यदि मध्यावधि चुनाव की घोषणा नहीं की जाती है और सरकार अगले अक्टूबर में आम चुनाव कराने के अपने रुख पर अडिग रहती है तो जनसमुदाय बलपूर्वक वर्तमान शासकों को उखाड़ फेंकेगा। उन्होंने कहा, ‘‘हकीकी आजादी आंदोलन आज (26 नवंबर को) खत्म नहीं होगा, बल्कि इंसाफ होने तक जारी रहेगा।’’ खान ने कहा था, ‘‘कल (मैं) रावलपिंडी जा रहा हूं क्योंकि यह देश के लिए निर्णायक वक्त है। हम एक ऐसा देश बनना चाहते हैं जिसके सपने कायदे आजम और अल्लामा इकबाल ने देखे थे।’’ पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि उनके ऊपर अब भी खतरा है, लेकिन वह एहतियात बरतेंगे। इस बीच, गृहमंत्री राणा सनाउल्लाह ने शुक्रवार को कहा था, ‘‘यदि इमरान खान चुनाव चाहते हैं तो उन्हें नेता की तरह बर्ताव करना चाहिए एवं राजनीतिक नेताओं के साथ बातचीत करनी चाहिए।’’ उन्होंने चेतावनी दी थी कि खान की जान के ऊपर खतरा है और उनसे यह रैली स्थगित करने की अपील की। पीटीआई महासचिव असद उमर ने कहा है कि खान के साथ यदि कुछ होगा तो उसके लिए सरकार जिम्मेदार होगी।
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