चीन के नये राजदूत ने नेपाल के साथ द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत बनाने का संकल्प लिया
International चीन के नये राजदूत ने नेपाल के साथ द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत बनाने का संकल्प लिया

चीन के नये राजदूत ने नेपाल के साथ द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत बनाने का संकल्प लिया चीन के नये राजदूत ने रविवार को काठमांडू में कहा कि वह नेपाल के साथ मिलकर काम करने को इच्छुक हैं ताकि दोनों देशों को नये युग के लिए एक साथ लाया जा सके और उनका संयुक्त रूप से विकास हो सके। चीन के वरिष्ठ राजनयिकों में से एक राजदूत चेन सोंग ने दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी में नया अध्याय लिखने का भी संकल्प लिया। चेन को नवंबर में नेपाल का राजदूत नियुक्त किया गया था। हालांकि, चेन की पत्नी को कोविड बीमारी से पीड़ित हो जाने के कारण वह अपना पदभार संभालने देर से पहुंचे हैं। उन्होंने होउ यांची की जगह ली है, जो अक्टूबर में अपना चार साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद चीन लौट गए थे। ‘द काठमांडू पोस्ट’ की खबर के अनुसार, ‘‘मैं हर तबके के नेपाली दोस्तों के साथ मिलकर काम करने को तैयार हूं.

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चीन में सड़क दुर्घटना में 17 लोगों की मौत
International चीन में सड़क दुर्घटना में 17 लोगों की मौत

चीन में सड़क दुर्घटना में 17 लोगों की मौत दक्षिणी चीन में रविवार सुबह एक सड़क दुर्घटना में 17 लोगों की मौत हो गई और 22 अन्य घायल हो गए। चीन के वार्षिक चंद्र नववर्ष पर लोग छुट्टियों में बाहर निकलते हैं इसके कारण सड़कों पर भीड़भाड़ रहती है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। स्थानीय यातायात प्रबंधन ब्रिगेड के अनुसार, दुर्घटना जियांग्शी प्रांत के नानचांग शहर के बाहरी इलाके में हुई। ब्रिगेड ने कहा कि यह स्पष्ट नहीं है कि कितने या किस प्रकार के वाहन इसमें शामिल थे और इसके कारणों की जांच की जा रही है। इस तरह की दुर्घटनाएं अकसर चालकों के थके होने और वाहनों के खराब रखरखाव या क्षमता से अधिक सामान ढोने के कारण होती हैं, लेकिन हाल के वर्षों में सख्त नियमों से ऐसी घटनाएं कम हुई हैं। छुट्टियों के समय वाहनों और चालकों तथा यात्रियों की संख्या की स्थिति पर नजर रखने के प्रयासों को बढ़ा दिया जाता है, क्योंकि चीन में चंद्र वर्ष परिवार से मिलने का एक महत्वपूर्ण वार्षिक अवसर होता है और इस मौके पर लाखों प्रवासी अपने गृहनगर लौटते हैं। अधिकतर कोविड-19 प्रतिबंधों के खत्म होने के साथ इस वर्ष 22 जनवरी से शुरू होने वाले सप्ताह भर के त्योहारों के मौसम में बड़ी संख्या में लोगों के यात्रा करने की उम्मीद है।

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China में सड़क दुर्घटना में 17 लोगों की मौत
International China में सड़क दुर्घटना में 17 लोगों की मौत

China में सड़क दुर्घटना में 17 लोगों की मौत बीजिंग। दक्षिणी चीन में रविवार सुबह एक सड़क दुर्घटना में 17 लोगों की मौत हो गई और 22 अन्य घायल हो गए। चीन के वार्षिक चंद्र नववर्ष पर लोग छुट्टियों में बाहर निकलते हैं जिसके कारण सड़कों पर भीड़भाड़ रहती है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। स्थानीय यातायात प्रबंधन ब्रिगेड के अनुसार, दुर्घटना जियांग्शी प्रांत के नानचांग शहर के बाहरी इलाके में हुई। ब्रिगेड ने कहा कि यह स्पष्ट नहीं है कि कितने या किस प्रकार के वाहन इसमें शामिल थे और इसके कारणों की जांच की जा रही है। इस तरह की दुर्घटनाएं अकसर चालकों के थके होने और वाहनों के खराब रखरखाव या क्षमता से अधिक सामान ढोने के कारण होती हैं, लेकिन हाल के वर्षों में सख्त नियमों से ऐसी घटनाएं कम हुई हैं। 

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यूरोपीय संघ ने दी सलाह- चीन से आने वाले यात्री उड़ान से पहले कराएं कोविड जांच
International यूरोपीय संघ ने दी सलाह- चीन से आने वाले यात्री उड़ान से पहले कराएं कोविड जांच

यूरोपीय संघ ने दी सलाह- चीन से आने वाले यात्री उड़ान से पहले कराएं कोविड जांच यूरोपीय संघ ने अपने सदस्य देशों से जोर देकर कहा कि वे चीन से आने वाले यात्रियों के लिए विमान में सवार होने से पहले कोविड जांच अनिवार्य करने का नियम बनाएं। बहरहाल, इस बयान से बीजिंग नाराज हो सकता है और वैश्विक विमानन उद्योग पहले ही उसकी आलोचना कर चुका है। यूरोपीय संघ के स्वास्थ्य विशेषज्ञों में सप्ताहभर चली वार्ता के बाद ईयू ने सभी 27 सदस्य देशों को ऐसे यात्रा प्रतिबंध लागू करने से रोक दिया, जो इटली, फ्रांस और स्पेन जैसे देश पहले से ही लागू कर चुके हैं। चीन पहले से ही ऐसी कार्रवाई को जोरदार ढंग से खारिज कर चुका है और ईयू के देशों में ऐसी नीतियां लागू होने पर समान प्रतिक्रिया देने की भी चेतावनी दी है। चीनी सरकार और यूरोपीय स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने कहा है कि चूंकि चीन से निकले कोरोना वायरस के स्वरूप पहले से ही यूरोप में हैं तो यात्रा पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की जरूरत नहीं है। इससे पहले बुधवार को दुनियाभर में लगभग 300 एयरलाइनों के ‘‘अंतरराष्ट्रीय वायु परिवहन संघ’’ (आईएटीए) ने विरोध का जोरदार समर्थन किया।

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हांगकांग रविवार को चीन से लगी सीमा को फिर से खोलना शुरू करेगा
International हांगकांग रविवार को चीन से लगी सीमा को फिर से खोलना शुरू करेगा

हांगकांग रविवार को चीन से लगी सीमा को फिर से खोलना शुरू करेगा हांगकांग रविवार को चीन के साथ लगी अपनी सीमा को फिर से खोलना शुरू कर देगा, जिससे हर दिन हजारों लोगों को दोनों तरफ आवाजाही की अनुमति मिलेगी। शहर के नेता ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। चीन की ‘शून्य कोविड’ नीति के कारण लगभग तीन वर्षों सेचीन के साथ शहर की जमीनी और समुद्री सीमा चौकियां बंद थीं और जिससे देश में प्रवेश प्रतिबंधित था। सीमाओं के फिर से खुलने से हांगकांग की अर्थव्यवस्था को बहुत जरूरी प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है। बृहस्पतिवार की घोषणा तब हुई जब चीन दुनिया के कुछ सबसे सख्त वायरस रोधी उपायों में ढील दे रहा है। चीन की सरकार ने एक बयान में कहा कि रविवार से चीन धीरे-धीरे हांगकांग और देश के बीच उड़ानों की संख्या में वृद्धि करेगा और शहर से उड़ानों के लिए यात्री संख्या की सीमा को समाप्त कर देगा। मुख्य कार्यकारी जॉन ली ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, “मेरा व्यक्तिगत झुकाव है, यदि कारक अनुमति देते हैं, तो मैं बड़ी संख्या में लोगों को वहां से गुजरने देना चाहता हूं क्योंकि यह स्थानीय और विदेशी दोनों तरह के बहुत से लोगों की मांग रही है - हांगकांग में जल्द से जल्द सामान्य स्थिति की ओर बढ़ने की कामना।” ली ने कहा कि इस कदम के पहले चरण के दौरान, चार सीमा चौकियां जो लगभग तीन वर्षों से बंद थीं वे फिर से शुरू हो जाएंगी तथा शहर में चौकियों की संख्या बढ़कर सात हो जाएगी। फिलहाल हांगकांग में तीन चौकियों को छोड़कर सभी चौकियां बंद हैं। ली ने कहा कि हांगकांग सरकार ‘मुख्य भूमि’ (चीन) के अधिकारियों के साथ स्थिति की समीक्षा करने के बाद तय करेगी कि सीमा को फिर से खोलने के स्तर का विस्तार कब किया जाए। एक कोटा प्रणाली के तहत प्रतिदिन 60,000 तक लोग हांगकांग से मुख्य भूमि चीन की यात्रा कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर से शहर में प्रवेश करने वाले यात्रियों के लिये भी यही संख्या निर्धारित है।

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Prabhasakshi Exclusive: नेपाल में चीन का बढ़ता दखल भारत के लिए कितनी गहरी चिंता का विषय है? बता रहे हैं ब्रिगेडियर (रि.) डीएस त्रिपाठी
National Prabhasakshi Exclusive: नेपाल में चीन का बढ़ता दखल भारत के लिए कितनी गहरी चिंता का विषय है? बता रहे हैं ब्रिगेडियर (रि.) डीएस त्रिपाठी

Prabhasakshi Exclusive: नेपाल में चीन का बढ़ता दखल भारत के लिए कितनी गहरी चिंता का विषय है?

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Prabhasakshi Exclusive: राहुल गांधी ने चीन को खतरा बताते हुए यूक्रेन का जो उदाहरण दिया है उस पर सेना से जुड़े लोगों का क्या कहना है?
National Prabhasakshi Exclusive: राहुल गांधी ने चीन को खतरा बताते हुए यूक्रेन का जो उदाहरण दिया है उस पर सेना से जुड़े लोगों का क्या कहना है?

Prabhasakshi Exclusive: राहुल गांधी ने चीन को खतरा बताते हुए यूक्रेन का जो उदाहरण दिया है उस पर सेना से जुड़े लोगों का क्या कहना है?

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Rafale M India: अब समुंद्र में भी गरजेगा राफेल, कांपेगा चीन, पाकिस्तान होगा ढेर
National Rafale M India: अब समुंद्र में भी गरजेगा राफेल, कांपेगा चीन, पाकिस्तान होगा ढेर

Rafale M India: अब समुंद्र में भी गरजेगा राफेल, कांपेगा चीन, पाकिस्तान होगा ढेर फ्रांस और भारत के रिश्ते डील के बाद नई दिशा की ओर बढ़ते हुए नजर आ रहे हैं। पहले भारतीय सेना ने अपनी स्कवाडन के लिए राफेल को चुना था तो अब नौसेना ने भी राफेल को ही तरजीह दी है। फ्रेंच मीडिया की मानें तो मार्च में जब फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों भारत की यात्रा पर आएंगे तो दोनों देशों के बीच ये डील साइन हो सकती है। राफेल फ्रेंच भाषा का शब्द है इसका शाब्दिक अर्थ है हवा का तेज झोंका। लेकिन चीन के लिए और वहां के राष्ट्रपति के लिए इसका अर्थ है मुसीबत का तेज झोंका और पाकिस्तान व उसके वजीर-ए-आला के लिए इसका अर्थ है डर का तेज झोंका। दिलचस्प बात ये है कि इस डील के लिए उसने अमेरिकी जेट एफए 19 सुपर हार्नेट को रिजेक्ट किया है। राफेल एम के सौदे को भारत और फ्रांस के संबंधों में मील का पत्थर करार दिया जा रहा है। रक्षा सूत्रों की मानें तो भारतीय नौसेना 26 राफेल एम विमानों के लिए फ्रांस के साथ अरबों डॉलर की डील करने वाली है।

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तिब्बती सिक्योंग ने कहा कि चीन दलाई लामा के उत्तराधिकारी की नियुक्ति में हस्तक्षेप करेगा
National तिब्बती सिक्योंग ने कहा कि चीन दलाई लामा के उत्तराधिकारी की नियुक्ति में हस्तक्षेप करेगा

तिब्बती सिक्योंग ने कहा कि चीन दलाई लामा के उत्तराधिकारी की नियुक्ति में हस्तक्षेप करेगा दलाई लामा का उत्तराधिकारी बनाने के मामले में चीन के हस्तक्षेप की आशंका के मद्देनजर तिब्बत की निर्वासित सरकार ने लोकतांत्रिक तरीके से तिब्बती नेतृत्व के हस्तांतरण की योजना तैयार की है। इसकी जानकारी स्वयं तिब्बत की निर्वासित सरकार के राष्ट्रपति व सिकयोंग पेन्पा त्सेरिंग ने दी है। त्सेरिंग ने ‘पीटीआई-भाषा’को दिए साक्षात्कार में रेखांकित किया कि चीन की कम्युनिस्ट पार्टीद्वारा वर्ष1995 में प्रतिद्वंद्वी पंचेन लामा की नियुक्ति जैसी पुनरावृत्ति हो सकती है जब दलाई लामा की ओर से चुने गए लड़के को जनता की नजरों से ओझल कर दिया गया था। उन्होंने कहा कि दोबारा ऐसी उम्मीद की जा सकती है। उन्होंने मंगलवार को कहा, ‘‘मौजूदा दलाई लामा के न रहने के बाद क्या होगा यह तिब्बितयों के लिए चुनौती है, खासतौर पर यदि चीन-तिब्बत समस्या का समाधान नहीं हुआ तो।’’ राष्ट्रपति (सिकयोंग) त्सेरिंग ने कहा, ‘‘हमारा मानना है कि निश्चित तौर पर चीन दलाई लामा के उत्तराधिकारी की नियुक्ति में हस्तक्षेप करेगा.

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चीन के कोविड-19 संकट से मुकाबले के लिए संयुक्त कदम उठाने की तैयारी में ईयू
International चीन के कोविड-19 संकट से मुकाबले के लिए संयुक्त कदम उठाने की तैयारी में ईयू

चीन के कोविड-19 संकट से मुकाबले के लिए संयुक्त कदम उठाने की तैयारी में ईयू यूरोपीय संघ (ईयू) के सदस्य देश चीन में उत्पन्न कोविड-19 संकट से निपटने के लिए बुधवार को समन्वित प्रयास को धार दे रहे हैं और यात्रा संबंधी प्रतिबंधों पर विचार कर रहे हैं जो चीन और वैश्विक विमानन उद्योग दोनों को ही असहज करेगा। चीन पहले ही कुछ यूरोपीय संघ देशों द्वारा लगाए गए यात्रा प्रतिबंधों को खारिज कर चुका है और उसने चेतावनी दी है कि अगर आने वाले दिनों में यह चलन बढ़ा तो ‘जवाबी कदम’ उठाए जाएंगे। ईयू आयोग के प्रवक्ता टिम मैक्फी ने कहा कि चीन से रवाना होने से पहले जांच को अनिवार्य बनाने के पक्ष में ‘अधिकतर देश हैं।’’

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Trump का चीन कनेक्शन आया सामने, टैक्स डिटेल्स से हुए चौंकाने वाले खुलासे
International Trump का चीन कनेक्शन आया सामने, टैक्स डिटेल्स से हुए चौंकाने वाले खुलासे

Trump का चीन कनेक्शन आया सामने, टैक्स डिटेल्स से हुए चौंकाने वाले खुलासे पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही है। हालिया हुए खुलासे बेहद ही चौंकाने वाले हैं। पूर्व राष्ट्रपति का चीन में भी बैंक खाता खुला था। इसके अलावा ट्रंप के फेडरल टैक्स रिटर्न पर भी कई खुलासे हुए हैं। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट से मंजूरी मिलने के बाद इस रिपोर्ट को सार्वजनिक की गई है। इससे पता चला कि ट्रंप ने राष्ट्रपति रहते हुए पहले और आखिरी साल में सबसे कम टैक्स भरा है।चीन में बैंक खाताचीन में बैंक खाता होने के बारे में 2020 के राष्ट्रपति पद की बहस के दौरान कई महाद्वीपों पर व्यापारिक हितों के साथ लंबे समय तक रियल एस्टेट और मीडिया मुगल से पूछा गया था। उन्होंने कहा कि व्हाइट हाउस के लिए अपना 2016 का अभियान शुरू करने से पहले उन्होंने इसे बंद कर दिया था। बहस के दौरान ट्रम्प ने कहा, "

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China Covid: महामारी आउट ऑफ कंट्रोल, छुट्टियों के बिना ओवरटाइम कर रहे अस्पताल, इन देशों ने लगाया चीन से आने वाले यात्रियों की एंट्री पर प्रतिबंध
International China Covid: महामारी आउट ऑफ कंट्रोल, छुट्टियों के बिना ओवरटाइम कर रहे अस्पताल, इन देशों ने लगाया चीन से आने वाले यात्रियों की एंट्री पर प्रतिबंध

China Covid: महामारी आउट ऑफ कंट्रोल, छुट्टियों के बिना ओवरटाइम कर रहे अस्पताल, इन देशों ने लगाया चीन से आने वाले यात्रियों की एंट्री पर प्रतिबंध चीन द्वारा जीरो-कोविड पॉलिसी को समाप्त करने के हफ्तों बाद भी संक्रमण की रफ्तार थमने का नाम नहीं ले रही है। आलम ये है कि शांक्सी, हेबेई, हुनान, जिआंगसु सहित कई चीनी प्रांतों के अस्पताल नए साल की छुट्टियों के बिना ओवरटाइम काम करते नजर आए। ग्लोबल टाइम्स ने बताया कि किनहुआंगदाओ के तीसरे नगरपालिका अस्पताल के सभी कर्मचारियों को मरीजों की जरूरतों को पूरी तरह से पूरा करने के लिए अपनी छुट्टियां रद्द करने के लिए कहा गया था। चीन हाल के सप्ताहों में कोविड मामलों में घातक स्पाइक से जूझ रहा है क्योंकि उसने लंबे लॉकडाउन और जबरन क्वारंटाइन जैसे कड़े कोविड नियंत्रण उपायों को हटा दिया है। वैश्विक स्वास्थ्य निकाय विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने चीन से वायरल अनुक्रमण, नैदानिक ​​प्रबंधन और प्रभाव मूल्यांकन को मजबूत करने का आग्रह किया है और इन क्षेत्रों में सहायता प्रदान करने की इच्छा व्यक्त की है।इसे भी पढ़ें: भारत-चीन तनाव, रूस-यूक्रेन युद्ध, भारत-पाक संबंधों को लेकर नये साल पर क्या बोले विदेश मंत्री जयशंकर12 से ज्यादा देशों ने लगाए यात्रा प्रतिबंधदुनिया के कई देशों ने चीन से आने वाले यात्रियों की एंट्री पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है। 12 से ज्यादा देशों ने चीन से आने वाले यात्रियों की एंट्री पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है। ऑस्ट्रेलिया में आने वाले 5 जनवरी से एंट्री तभी मिलेगी, जब कोविड निगेटिव सर्टिफिकेट लेकर यात्री आएंगे। कनाडा, संयुक्त राज्य अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम, फ्रांस, इटली, स्पेन, जापान, दक्षिण कोरिया और ताइवान ने भी चीन से आने वाले याच्रियों के लिए कोविड टेस्ट अनिवार्य कर दिया है। यात्रियों की जांच होगी। उन्हें कोविड निगेटिव सर्टिफिकेट के साथ ही इन देशों में एंट्री मिलेगी। इसे भी पढ़ें: चीन से कनाडा जाने वाले यात्रियों के लिए कोविड जांच अनिवार्य होगीअस्पताल के कर्मचारियों के लिए कोई नए साल की छुट्टियां नहींकम से कम छह चीनी प्रांतों के अस्पतालों ने कर्मचारियों से नए साल की छुट्टियों की योजना रद्द करने को कहा है। नए साल की छुट्टियों के दौरान आने वाले प्रकोप के चरम से निपटने के लिए, झेजियांग प्रांत ने स्थानीय चिकित्सा संस्थानों को छह कार्य सौंपे हैं, जिनमें बुखार क्लीनिक की सेवा क्षमता में सुधार, सेवा की पहुंच, सुविधा में सुधार और लगातार सुधार शामिल हैं। ग्लोबल टाइम्स ने बताया कि गंभीर रूप से बीमार रोगियों का इलाज करने की क्षमता।

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चीन में कोविड संकट गहराने की आशंका में टिकाऊ उपभोक्ता उत्पादकों ने शुरू किया भंडारण
Business चीन में कोविड संकट गहराने की आशंका में टिकाऊ उपभोक्ता उत्पादकों ने शुरू किया भंडारण

चीन में कोविड संकट गहराने की आशंका में टिकाऊ उपभोक्ता उत्पादकों ने शुरू किया भंडारण चीन में कोरोना वायरस संक्रमण बढ़ने से देश में टिकाऊ उपभोक्ता वस्तुओं (कंज्यूमर ड्यूरेबल) के विनिर्माताओं को आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान से चिंता सताने लगी है और उन्होंने संकट से बचने के लिए कच्चे माल का भंडारण शुरू कर दिया है। चीन में कोविड संकट गहराने से वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला फिर से बाधित हो गई है। विशेषज्ञों ने कहा कि जनवरी के तीसरे सप्ताह से शुरू होने वाले चीनी नव वर्ष की छुट्टियों के साथ अगर वहां के कारखानों में फरवरी में पूरी तरह उत्पादन शुरू नहीं हो पाया तो भारतीय उद्योग को एक बार फिर आपूर्ति श्रृंखला से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ेगा। उपभोक्ता टिकाऊ वस्तुओं के विनिर्माता आमतौर पर एक महीने के लिए कच्चे माल का भंडार रखते हैं, लेकिन अब वे इसे कम से कम दो-तीन महीने की जरूरत के हिसाब से बढ़ा रहे हैं। आपूर्ति श्रृंखला में कोई भी संभावित व्यवधान एयर कंडीशनर और एलईडी टीवी पैनल जैसी उत्पादन श्रेणियों को प्रभावित कर सकता है। अग्रणी इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण कंपनी डिक्सन टेक्नोलॉजीज के वाइस चेयरमैन और प्रबंध निदेशक अतुल लाल ने कहा कि वह चीन के हालात पर निगाह बनाए हुए है। गोदरेज अप्लायंसेज के व्यवसाय प्रमुख और कार्यकारी उपाध्यक्ष कमल नंदी ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में उपकरण उद्योग ने घटकों की आपूर्ति के लिए चीन पर अपनी निर्भरता कम कर दी है। फिर भी एयर कंडीशनर जैसी कुछ श्रेणियों में चीन पर निर्भरता बहुत अधिक है। एयर-कंडीशनर के करीब 40 से 45 प्रतिशत घटक (मूल्य के हिसाब से) चीन से आते हैं। कंप्रेशर्स इसमें एक बड़ा हिस्सा हैं। नंदी ने कहा कि अगर चीनी नववर्ष की छुट्टियों के बाद वहां कोविड महामारी की स्थिति और बिगड़ती है, तो यह चिंता का विषय होगा। चीनी नववर्ष की शुरुआत 20 जनवरी से होगी और करीब दो सप्ताह तक छुट्टियां रहने के बाद फरवरी के पहले सप्ताह में कारखाने दोबारा शुरू होंगे।

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चीन से कनाडा जाने वाले यात्रियों के लिए कोविड जांच अनिवार्य होगी
International चीन से कनाडा जाने वाले यात्रियों के लिए कोविड जांच अनिवार्य होगी

चीन से कनाडा जाने वाले यात्रियों के लिए कोविड जांच अनिवार्य होगी चीन, हांगकांग और मकाउ के यात्रियों को कनाडा की उड़ान भरने से पहले कोविड जांच की रिपोर्ट पेश करनी होगी, जो दो दिन से ज्यादा पुरानी नहीं होनी चाहिए। रिपोर्ट में यात्रियों के कोरोना वायरस से संक्रमित न होने की पुष्टि होने के बाद ही उन्हें विमान में सवार होने की अनुमति दी जाएगी। शनिवार को जारी एक सरकारी बयान के मुताबिक, चीन, हांगकांग और मकाउ से आने वाले दो साल या उससे अधिक उम्र के सभी यात्रियों के लिए पांच जनवरी से प्रस्थान से पहले कोविड जांच की नेगेटिव रिपोर्ट पेश करना अनिवार्य होगा। बयान में कहा गया, ‘‘ये प्रस्तावित स्वास्थ्य उपाय राष्ट्रीयता और टीकाकरण की स्थिति से परे सभी हवाई यात्रियों पर लागू होंगे। संबंधित उपाय अस्थायी हैं, जो 30 दिन तक प्रभावी रहेंगे। अधिक डेटा और साक्ष्य उपलब्ध होने पर इन उपायों पर पुनर्विचार किया जाएगा।’’ कनाडा से पहले अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, स्पेन और इटली भी चीन से आने वाले यात्रियों के लिए कोविड जांच की रिपोर्ट पेश करना अनिवार्य कर चुके हैं।

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चीन से ऑस्ट्रेलिया, कनाडा जाने वाले यात्रियों के लिए कोविड जांच अनिवार्य होगी
International चीन से ऑस्ट्रेलिया, कनाडा जाने वाले यात्रियों के लिए कोविड जांच अनिवार्य होगी

चीन से ऑस्ट्रेलिया, कनाडा जाने वाले यात्रियों के लिए कोविड जांच अनिवार्य होगी बीजिंग। चीन, हांगकांग और मकाउ के यात्रियों को ऑस्ट्रेलिया और कनाडा की उड़ान भरने से पहले कोविड जांच की रिपोर्ट पेश करनी होगी, जो दो दिन से ज्यादा पुरानी नहीं होनी चाहिए। रिपोर्ट में यात्रियों के कोरोना वायरस से संक्रमित न होने की पुष्टि होने के बाद ही उन्हें विमान में सवार होने की अनुमति दी जाएगी। कनाडा सरकार ने शनिवार को एक बयान जारी कर कहा, चीन, हांगकांग और मकाउ से आने वाले दो साल या उससे अधिक उम्र के सभी यात्रियों के लिए पांच जनवरी से प्रस्थान से पहले कोविड जांच की नेगेटिव रिपोर्ट पेश करना अनिवार्य होगा। बयान के मुताबिक, ‘‘ये प्रस्तावित स्वास्थ्य उपाय राष्ट्रीयता और टीकाकरण की स्थिति से परे सभी हवाई यात्रियों पर लागू होंगे। संबंधित उपाय अस्थायी हैं, जो 30 दिन तक प्रभावी रहेंगे। अधिक डेटा और साक्ष्य उपलब्ध होने पर इन उपायों पर पुनर्विचार किया जाएगा।’’ बयान में कनाडा सरकार ने कहा कि उसने चीन में कोविड-19 के नए मामलों में भारी वृद्धि और इन मामलों के संबंध में महामारी विज्ञान एवं जीनोम अनुक्रमण डेटा की सीमित उपलब्धता के मद्देनजर नए जांच उपाय लागू किए हैं। सरकार के मुताबिक, कनाडा की उड़ान में सवार होने से पहले यात्रियों को विमानन कंपनी को कोविड जांच की नेगेटिव रिपोर्ट दिखानी होगी, जो प्रस्थान से दो दिन से ज्यादा पुरानी नहीं होनी चाहिए।

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South China Sea के ऊपर अमेरिकी विमान के सामने आया चीनी विमान, दुर्घटना टली : अमेरिका
International South China Sea के ऊपर अमेरिकी विमान के सामने आया चीनी विमान, दुर्घटना टली : अमेरिका

South China Sea के ऊपर अमेरिकी विमान के सामने आया चीनी विमान, दुर्घटना टली : अमेरिका बीजिंग। अमेरिकी सेना ने कहा है कि चीनी नौसेना के लड़ाकू विमान ने इस महीने दक्षिण चीन सागर पर अमेरिकी वायुसेना के एक टोही विमान के पास खतरनाक तरीके से उड़ान भरी थी, लेकिन अमेरिकी पायलट ने अपनी कुशलता से दोनों विमान को भिड़ने से बचा लिया। अमेरिकी सेना की हिंद-प्रशांत कमान ने बृहस्पतिवार को एक बयान में कहा घटना 21 दिसंबर को हुई थी, जब चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) का जे-11 विमान अमेरिकी वायुसेना द्वारा संचालित विशाल टोही विमान आरसी-135 के सामने छह मीटर की दूरी से गुजर गया। बयान में कहा गया है कि अमेरिकी विमान ‘कानून के अनुसार अंतरराष्ट्रीय हवाई क्षेत्र में दक्षिण चीन सागर पर नियमित अभियान पर था।’ इसके मुताबिक, अमेरिकी विमान के पायलट ने अपनी कुशलता के जरिये दोनों विमान को भिड़ने से बचा लिया। चीन दक्षिण चीन सागर को अपना क्षेत्र बताता है और उसमें उड़ान भरने वाले अमेरिका और उसके सहयोगी देशों के विमानों का पीछा भी करता है।

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चीन में कोविड के हालात को लेकर कम जानकारी होने से वैश्विक चिंताएं बढ़ीं
International चीन में कोविड के हालात को लेकर कम जानकारी होने से वैश्विक चिंताएं बढ़ीं

चीन में कोविड के हालात को लेकर कम जानकारी होने से वैश्विक चिंताएं बढ़ीं अनेक देशों में चीन से आने वाले यात्रियों की कोविड-19 जांच अनिवार्य करने के कदम से यह वैश्विक चिंता साफ नजर आती है कि वायरस के प्रकोप के दौरान इसके नये स्वरूप सामने आ सकते हैं और इसे लेकर जानकारी का अभाव हो सकता है। अभी तक वायरस के किसी नये स्वरूप की कोई जानकारी नहीं है, लेकिन चीन पर 2019 के आखिर में उसके यहां सबसे पहले सामने आये वायरस के बारे में तभी से आगे आकर जानकारी नहीं देने का आरोप है। अब भी इस तरह की आशंका है कि चीन वायरस के ऐसे उभरते स्वरूपों के किसी भी संकेत पर जानकारी साझा नहीं करेगा जिनसे दुनिया में संक्रमण के अत्यधिक मामले आ सकते हैं। अमेरिका, जापान, भारत, दक्षिण कोरिया, ताइवान और इटली ने चीन से आने वाले यात्रियों का कोविड परीक्षण अनिवार्य करने की घोषणा कर दी है। अमेरिका ने संक्रमण के मामले बढ़ने औरवायरस के स्वरूपों के संबंध में जीनोम अनुक्रमण समेत अन्य जानकारी नहीं होने का हवाला दिया है। ताइवान और जापान के अधिकारियों ने भी इसी तरह की चिंता जाहिर की है। ताइवान के महामारी नियंत्रण केंद्र के प्रमुख वांग पी-शेंग ने कहा, ‘‘चीन में इस समय महामारी की स्थिति पारदर्शी नहीं है। हमारे पास बहुत सीमित जानकारी है और वह भी सटीक नहीं है।’’ ताइवान में एक जनवरी से चीन से आने वाले प्रत्येक यात्री की कोविड जांच अनिवार्य होगी। ताइवान में चंद्र नव वर्ष के लिए करीब 30,000 ताइवानी नागरिकों के चीन से लौटने की संभावना है। जापान के प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा ने भी इस सप्ताह की शुरुआत में चीन से आने वाले यात्रियों की कोविड जांच को अनिवार्य करने की घोषणा की थी और इस बारे में अधिक जानकारी नहीं होने पर चिंता जताई थी। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वांग वेनबिन ने बृहस्पतिवार को कहा कि कई देशों ने चीन से आने वाले यात्रियों के लिए अपनी नीति नहीं बदली है। उन्होंने कहा कि किसी भी कदम को उठाते समय सभी देशों के लोगों के साथ समान व्यवहार होना चाहिए। संक्रमण के प्रत्येक मामले में वायरस के उत्परिवर्तन की आशंका होती है और यह चीन में तेजी से पैर पसार रहा है। वैज्ञानिक अभी यह नहीं बता पा रहे कि क्या इसका मतलब दुनिया में वायरस के नये स्वरूप का प्रकोप होना है, लेकिन उन्हें आशंका है कि ऐसा हो सकता है। चीन के स्वास्थ्य अधिकारियों ने कहा है कि मौजूदा प्रकोप ओमीक्रोन वायरस के कारण है जिसे अन्य देशों में भी देखा गया है। उसने कहा कि वायरस के नये चिंताजनक स्वरूपों का पता लगाने के लिए एक निगरानी तंत्र स्थापित किया गया है। चीन के रोग नियंत्रण केंद्र के मुख्य महामारी विज्ञानी वू जून्यू ने बृहस्पतिवार को कहा कि चीन को वायरस के किसी भी स्वरूप का पता चला है तो उसने समय पर इसकी जानकारी दी है। उन्होंने कहा, ‘‘हम कुछ भी छिपाकर नहीं रखते। सारी जानकारी दुनिया के साथ साझा की जाती है।’’ जर्मनी के स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता सेबेस्टियन गुएल्दे ने कहा कि अधिकारियों को इस तरह का कोई संकेत नहीं है कि चीन में इस लहर में वायरस का कोई अधिक खतरनाक स्वरूप विकसित हुआ है, लेकिन वे हालात पर नजर रख रहे हैं। यूरोपीय संघ भी हालात का आकलन कर रहा है और उसने कहा है कि चीन में व्याप्त वायरस का स्वरूप यूरोप में पहले से सक्रिय है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के महानिदेशक टेड्रस अधानम घेब्रेयेसस ने कहा है कि संगठन को चीन में संक्रमण के मामलों की गंभीरता को लेकर और विशेष रूप से वहां अस्पतालों तथा आईसीयू में रोगियों के भर्ती होने के संबंध में और अधिक जानकारी चाहिए होगी ताकि जमीनी स्थिति के समग्र जोखिम का आकलन किया जा सके। वाशिंगटन में हडसन इंस्टीट्यूट नामक संस्थान में चीनी केंद्र के निदेशक माइल्स यू ने कहा कि वैश्विक स्तर पर जो संशय और आक्रोश है, उसका चीन की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी के सख्त पाबंदियों में अचानक ढील के फैसले से सीधा संबंध है। यू ने एक ईमेल में कहा, ‘‘आप इतने लंबे समय तक शून्य-कोविड लॉकडाउन की बेवकूफी नहीं कर सकते जो विफल साबित हुआ हो.

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चीन पासपोर्ट और वीजा जारी करना फिर शुरू करेगा
International चीन पासपोर्ट और वीजा जारी करना फिर शुरू करेगा

चीन पासपोर्ट और वीजा जारी करना फिर शुरू करेगा चीन की सरकार ने कहा है कि वह पर्यटन के लिए पासपोर्ट जारी करना फिर शुरू करेगी। देश ने कोरोना वायरस को नियंत्रित करने के लिए करीब तीन साल तक खुद को अलग थलग किया हुआ था। सरकार के इस कदम के बाद संभावना जताई जा रही है कि अगले महीने चंद्र नव वर्ष के मौके पर बड़ी संख्या में चीन के लोग विदेश जा सकते हैं। चीन में विश्व में सबसे कठोर कोविड रोधी उपाय किए गए थे। चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग की सरकार इन उपायों के अर्थव्यवस्था पर पड़े प्रभावों को कम करने के प्रयास में है। लोगों को अपने घरों में कैद रखने के नियम ने चीन में संक्रमण की दर तो कम रखी लेकिन इससे लोगों में गुस्सा बढ़ा और आर्थिक विकास प्रभावित हुआ। मंगलवार को लिए गए फैसले के बाद चीन के नागरिक 22 जनवरी 2023 से शुरू हो रहे चंद्र नव वर्ष के मौके पर एशिया और यूरोप के पर्यटन स्थलों का रूख कर सकते हैं। इससे कोरोना वायरस के संक्रमण के फैलने की आशंका है, क्योंकि चीन फिलहाल कोविड की लहर से जूझ रहा है। जापान, भारत, दक्षिण कोरिया और ताइवान ने कहा हैकि चीन से आने वाले लोगों की कोविड जांच जरूरी है। चीन ने कोविड महामारी को नियंत्रित करने के कड़े उपायों के तहत 2020 के शुरू में विदेशियों को वीज़ा और अपने नागरिकों को पासपोर्ट जारी करना बंद कर दिया था। यह विद्यार्थियों, कारोबारियों व अन्य लोगों को विदेश जाने से रोकने की कोशिश थी। दूसरे देशों से लोगों के चीन आने पर भी रोक थी। हालांकि कारोबारियों को यात्रा की अनुमति थी लेकिन उन्हें एक सप्ताह तक पृथक-वास में रहना पड़ता था। चीन के राष्ट्रीय आव्रजन प्रशासन ने कहा कि वह पर्यटन के लिए साधारण पासपोर्ट के वास्ते आठ जनवरी से आवेदन स्वीकार करना शुरू करेगा। एजेंसी ने यह भी कहा कि वह वीज़ा को बढ़ाने, उसका नवीकरण करने या पुन:जारी करने के लिए भी आवेदन स्वीकार करेगी। हालांकि उसने इस बाबत कोई संकेत नहीं दिया कि पहली बार आवेदन करने वालों को वीजा दिया जाएगा या नहीं। एजेंसी ने कहा कि चीन ‘आहिस्ता-आहिस्ता फिर से खुलेगा’ और विदेशी आंगतुकों को स्वीकार करेगा। उसने यह भी संकेत नहीं दिया कि विदेशी यात्रियों के लिए चीन के द्वार कब से खुलेंगे। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा किचीन वैश्विक, औद्योगिक और आपूर्ति श्रृंखलाओं में सुरक्षा और स्थिरता को बहाल करने और वैश्विक आर्थिक सुधार को बढ़ावा देने के लिए सभी देशों के साथ काम करेगा।

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चीन ने सीमा पार रेलवे लाइन की व्यवहार्यता अध्ययन के लिए नेपाल में विशेषज्ञों की टीम भेजी
International चीन ने सीमा पार रेलवे लाइन की व्यवहार्यता अध्ययन के लिए नेपाल में विशेषज्ञों की टीम भेजी

चीन ने सीमा पार रेलवे लाइन की व्यवहार्यता अध्ययन के लिए नेपाल में विशेषज्ञों की टीम भेजी नेपाल में नयी सरकार के गठन के एक दिन बाद चीन ने नेपाल-चीन सीमा पार रेलवे लाइन की व्यवहार्यता का अध्ययन करने के लिए मंगलवार को विशेषज्ञों की एक टीम काठमांडू भेजी। चीन के करीबी माने जाने वाले पुष्प कमल दहल ‘‘प्रचंड’’ ने सोमवार को तीसरी बार नेपाल के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली। चीनी दूतावास ने ट्विटर पर कहा, ‘‘चीन-नेपाल सीमा पार रेलवे के व्यवहार्यता अध्ययन और सर्वेक्षण के लिए विशेषज्ञ टीम मंगलवार को पहुंची तथा दूतावास प्रभारी वांग शिन ने उनका स्वागत किया।’’

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राजशाही का खात्मा, विश्व के एकमात्र हिंदू राष्ट्र होने की पहचान की समाप्ति, चीन के बेस्ट फ्रेंड ने संभाली नेपाल की सत्ता तो भारत की क्यों बढ़ी चिंता?
Mri राजशाही का खात्मा, विश्व के एकमात्र हिंदू राष्ट्र होने की पहचान की समाप्ति, चीन के बेस्ट फ्रेंड ने संभाली नेपाल की सत्ता तो भारत की क्यों बढ़ी चिंता?

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चीन से आने वालों के लिए शुक्रवार से कोरोना वायरस की जांच अनिवार्य होगी : जापान
International चीन से आने वालों के लिए शुक्रवार से कोरोना वायरस की जांच अनिवार्य होगी : जापान

चीन से आने वालों के लिए शुक्रवार से कोरोना वायरस की जांच अनिवार्य होगी : जापान तोक्यो। जापान के प्रधानमंत्री फुमिओ किशिदा ने मंगलवार को कहा कि चीन में बढ़ते कोविड के मामलों के मद्देनजर एहतियात के तौर पर शुक्रवार से देश से आने वाले सभी आगंतुकों के लिए कोरोना वायरस संक्रमण की जांच आवश्यक होगी। गौरतलब है कि जापान की इस घोषणा से महज एक दिन पहले विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा था कि वह चीन द्वारा ‘जीरो कोविड नीति’ में अचानक पूरी तरह ढील दिए जाने के बाद देशभर में तेजी से बढ़ रहे संक्रमण के मामलों को लेकर बहुत चिंतित है। इसे भी पढ़ें: चीन को चुनौती देती सबसे लंबी रेल टनल, भारत के इन कदमों ने बढ़ा दी ड्रैगन की बेचैनी किशिदा ने कहा कि कोरोना वायरस के संदर्भ में चीन की ओर से सूचना तथा पारदर्शिता के अभाव के चलते सुरक्षा उपाय तय कर पाना मुश्किल है। उन्होंने कहा केंद्रीय और स्थानीय प्राधिकारियों से मिल रही सूचनाओं में तथा सरकार और निजी संगठनों से मिल रही सूचनाओं में बड़ी विसंगतियां हैं।

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Covid-19 के विकराल रूप के बीच China ने किए बॉर्डर और फ्लाइट्स ओपन, क्वारंटीन भी खत्म! तबाही के बीच जिनपिंग ने बदली रणनीति
International Covid-19 के विकराल रूप के बीच China ने किए बॉर्डर और फ्लाइट्स ओपन, क्वारंटीन भी खत्म! तबाही के बीच जिनपिंग ने बदली रणनीति

Covid-19 के विकराल रूप के बीच China ने किए बॉर्डर और फ्लाइट्स ओपन, क्वारंटीन भी खत्म!

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चीन ने पिछले 24 घंटे में ताइवान की ओर भेजे 71 युद्धकविमान, सात जहाज
International चीन ने पिछले 24 घंटे में ताइवान की ओर भेजे 71 युद्धकविमान, सात जहाज

चीन ने पिछले 24 घंटे में ताइवान की ओर भेजे 71 युद्धकविमान, सात जहाज चीन की सेना ने 24 घंटे तक शक्ति प्रदर्शन करते हुए इस दौरान ताइवान की ओर 71 विमान तथा सात पोत भेजे। ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने सोमवार को यह जानकारी दी। अमेरिका के शनिवार को ताइवान से संबंधित अमेरिकी वार्षिक रक्षा व्यय विधेयक पारित करने के बाद चीन ने यह कार्रवाई की। चीन के विदेश मंत्रालय ने शनिवार को एक बयान में इसे एक गंभीर राजनीतिक उकसावा करार देते हुए कहा था कि यह चीन के आंतरिक मामलों में खुलेआम हस्तक्षेप है। वहीं ताइवान ने इस विधेयक का स्वागत करते हुए कहा कि यह स्वशासित द्वीप के प्रति अमेरिका के समर्थन को प्रदर्शित करता है। ताइवान के राष्ट्रीय रक्षा मंत्रालय के अनुसार, रविवार सुबह छह बजे से सोमवार सुबह छह बजे के बीच ताइवान जलडमरूमध्य क्षेत्र में चीन के 47 विमान गुजरे। यह एक अनौपचारिक सीमा है, जिसे दोनों पक्षों ने मौन रूप से स्वीकार किया है। चीन ने ताइवान की ओर जो विमान भेजे उसमें, 18 जे-16 लड़ाकू विमान, 11 जे-1 लड़ाकू विमान, छह एसयू-30 लड़ाकू विमान और ड्रोन शामिल हैं। ताइवान ने कहा कि अपनी भूमि आधारित मिसाइल प्रणालियों के साथ-साथ अपने नौसैनिक पोतों के माध्यम से वह चीनी कार्रवाई पर नजर रख रहा है। चीन की पीपल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के ईस्टर्न थिएटर कमान के प्रवक्ता शी यी ने रविवार को एक बयान में कहा, ‘‘यह अमेरिका-ताइवान के उकसावे का जवाब है।’’ उन्होंने कहा कि पीएलए ताइवान के आसपास के जल क्षेत्र में संयुक्त गश्त कर रहा है और संयुक्त युद्धाभ्यास कर रहा था। शी अमेरिकी रक्षा व्यय विधेयक का जिक्र कर रहे थे, जिसे चीन ने रणनीतिक चुनौती बताया है। अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने 858 अरब डॉलर के रक्षा विधेयक पर शुक्रवार को हस्ताक्षर कर उसे कानून का रूप दे दिया था। इसमें मुद्रास्फीति के प्रभाव को कम करने और चीन एवं रूस के प्रति देश की सैन्य प्रतिस्पर्धा को बढ़ाने के लिए सांसदों से किये बाइडन के वादे से 45 अरब डॉलर अधिक शामिल है।

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