Iran Protest: सरकार ने ऑस्कर विजेता फिल्म की अभिनेत्री को गिरफ्तार किया
International Iran Protest: सरकार ने ऑस्कर विजेता फिल्म की अभिनेत्री को गिरफ्तार किया

Iran Protest: सरकार ने ऑस्कर विजेता फिल्म की अभिनेत्री को गिरफ्तार किया काहिरा। ईरानी अधिकारियों ने देश भर में हो रहे प्रदर्शनों के बारे में झूठ फैलाने के आरोप में देश की सबसे प्रसिद्ध अभिनेत्रियों में से एक को गिरफ्तार किया है। सरकारी मीडिया ने शनिवार को यह जानकारी दी। सरकारी समाचार एजेंसी इरना की खबर में कहा गया है कि ऑस्कर विजेता फिल्म ‘द सेल्समैन’ की कलाकार तारानेह अलीदूस्ती को इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट करने के एक हफ्ते बाद हिरासत में ले लिया गया।

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जहरीली शराब मामले के पीड़ितों को मुआवजा देने से इनकार करने पर नीतीश सरकार की आलोचना
National जहरीली शराब मामले के पीड़ितों को मुआवजा देने से इनकार करने पर नीतीश सरकार की आलोचना

जहरीली शराब मामले के पीड़ितों को मुआवजा देने से इनकार करने पर नीतीश सरकार की आलोचना बिहार में नीतीश कुमार सरकार के सारण जहरीली शराब त्रासदी में मरने वालों के परिजनों को मुआवजा देने से इनकार करने पर शनिवार को विरोधियों और सहयोगियों की ओर से आलोचनाओं का सामना करना पड़ा। सारण जिला प्रशासन ने जहरीली शराब के संदिग्ध सेवन के बाद मंगलवार रात से अब तक 30 मौतों की पुष्टि की है, जो छह साल पहले शराबबंदी के बाद से राज्य में सबसे बड़ी त्रासदी है। हालांकि, विपक्षी दल भाजपा ने बिहार विधानसभा के भीतर और राज्यपाल फागू चौहान को सौंपे गए एक ज्ञापन में लोजपा नेता चिराग पासवान ने दावा किया है कि मरने वालों की संख्या सौ से अधिक है। चिराग ने पीटीआई-को फोन पर बताया, ‘‘मैं शोक संतप्त परिवार के सदस्यों से मिलने के लिए आज सारण गया और यह जानकर दंग रह गया कि प्रशासन उन पर दबाव डाल रहा था कि वे जहरीली शराब से होने वाली मौतों की रिपोर्ट न करें ताकि त्रासदी की भयावहता को कम किया जा सके। मुझे बताया गया है कि मरने वालों की संख्या 200 से भी अधिक हो सकती है।’’ जमुई के सांसद चिराग ने शोक संतप्त परिवार के सदस्यों को अनुग्रह राशि न दिए जाने को लेकर मुख्यमंत्री की ‘‘जिद’’ पर सवाल उठाते हुए कहा, ‘‘वह दोहरा मापदंड क्यों अपना रहे हैं। शराबबंदी कानून लागू होने के कुछ ही समय बाद 2016 में निकटवर्ती जिले गोपालगंज में जहरीली शराब कांड हुआ था। उन्होंने तब पीड़ितों को मुआवजा दिया था।’’ उल्लेखनीय है कि सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री पद पर आसीन रहे नीतीश ने मुआवजे के मुद्दे पर अपना रूख स्पष्ट करते हुए शुक्रवार को कहा था कि प्रदेश में शराबबंदी गांधीवादी सिद्धांतों पर आधारित है, सेवन करने वालों ने जिसका उल्लंघन किया है और इसलिए ‘‘ वे इस ‘गंदे काम’ के लिए किसी मुआवजे के हकदार नहीं हैं।’’ भाजपा के वरिष्ठ नेता और प्रदेश की पिछली राजग सरकार में उपमुख्यमंत्री रहे सुशील कुमार मोदी ने भी अलग से सारण का दौरा किया और पीड़ितों को मुआवजा देने पर समान विचार व्यक्त किए। नीतीश के कभी भरोसेमंद माने जाने वाले सुशील ने कहा, ‘‘मुख्यमंत्री ने शराबबंदी के बावजूद 2016 में गोपालगंज के पीड़ितों को मुआवजा दिया था। अब उनका कहना है कि सारण पीड़ितों को मुआवजा दिए जाने से शराबबंदी प्रभावित होगी। इससे पता चलता है कि वह हर मामले में यू-टर्न लेते रहे हैं।’’ चिराग और सुशील नीतीश के उस कथन कि ‘‘पियोगे तो मरोगे’’ पर नाराजगी जताते हुए इसे बेहद असंवेदनशील बताया। राजनीतिक रणनीतिकार से राजनेता बने प्रशांत किशोर, जो बिहार के मुख्यमंत्री के पूर्व करीबी सहयोगी थे, ने कहा कि मुख्यमंत्री की ‘‘पियोगे तो मरोगे’’ की टिप्पणी पर उन्हें नीतीश के साथ काम करने पर पछतावा हो रहा है। बाहर से महागठबंधन सरकार का समर्थन कर रही भाकपा माले ने जहरीली शराब से मरने वालों के परिजनों को केवल मुआवजा ही नहीं बल्कि पीड़ित परिवारों के पुनर्वास की भी मांग की है। भाकपा माले ने एक बयान में कहा कि वह शराब माफिया और पूरे राज्य में प्रशासनिक मशीनरी, जिसे उन्होंने सारण जहर त्रासदी के लिए जिम्मेदार ठहराया है, के बीच सांठ-गांठ के विरोध में सोमवार को सड़कों पर उतरेगी। पार्टी ने कहा कि उसने स्थिति का जायजा लेने के लिए शुक्रवार को वर्तमान और पूर्व विधायकों सहित तीन सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को सारण भेजा था। गौरतलब है कि सीवान प्रशासन ने सारण जिले के कुछ हिस्सों में संदिग्ध जहरीली शराब के सेवन से छह लोगों की मौत की पुष्टि की है। भाकपा माले ने यह भी कहा है कि सरकार को संवेदनशीलता दिखानी चाहिए और न केवल अनुग्रह राशि का भुगतान करने के लिए सहमत होना चाहिए बल्कि उन लोगों के इलाज की जिम्मेदारी लेनी चाहिए जो शराब पीकर बीमार पड़ गए हैं। पार्टी ने कहा कि इस त्रासदी में मरने वाले लोगों के बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी सरकार को लेनी चाहिए।

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एमवीए के घटक दलों ने महाराष्ट्र सरकार के खिलाफ विरोध मार्च निकाला
National एमवीए के घटक दलों ने महाराष्ट्र सरकार के खिलाफ विरोध मार्च निकाला

एमवीए के घटक दलों ने महाराष्ट्र सरकार के खिलाफ विरोध मार्च निकाला महाराष्ट्र में विपक्षी महा विकास आघाड़ी (एमवीए) के घटक दलों ने शक्ति प्रदर्शन के तहत राज्य में एकनाथ शिंदे-भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार के खिलाफ शनिवार को यहां हल्ला बोल विरोध मार्च निकाला और छत्रपति शिवाजी महाराज समेत प्रतिष्ठित हस्तियों के खिलाफ ‘‘अपमानजनक’’ टिप्पणी करने के लिए राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को हटाने की मांग की। एमवीए के घटक दलों शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे), राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) और कांग्रेस ने राज्यपाल की टिप्पणी तथा अन्य मुद्दों को लेकर एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली राज्य सरकार के खिलाफ अपने ‘हल्ला बोल’ प्रदर्शन के खत्म होने पर आयोजित रैली में यह मांग की। राकांपा प्रमुख शरद पवार, पार्टी नेता अजित पवार, पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष नाना पटोले ने छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (सीएसएमटी) में आयोजित रैली को संबोधित किया। रैली का समापन सीएसएमटी में हुआ। पैदल मार्च दोपहर के करीब भायखला में जे जे अस्पताल के पास एक कंपनी से शुरू हुआ था। इस अवसर पर अजित पवार ने कहा, ‘‘महाराष्ट्र को बचाने के लिए राज्यपाल को हटाना चाहिए।’’ शरद पवार ने कहा कि राज्य की राष्ट्रीय हस्तियों का अपमान करने के लिए केंद्र को राज्यपाल कोश्यारी को हटाना चाहिए।

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गहलोत ने कहा- एक से बढ़कर एक काम किए, सरकार के खिलाफ माहौल नहीं है
National गहलोत ने कहा- एक से बढ़कर एक काम किए, सरकार के खिलाफ माहौल नहीं है

गहलोत ने कहा- एक से बढ़कर एक काम किए, सरकार के खिलाफ माहौल नहीं है राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शनिवार को कहा कि उनकी सरकार ने अपने कार्यकाल के पहले चार साल में अनेक महत्वाकांक्षी योजनाओं के जरिए एक से बढ़कर एक काम किए और हर वर्ग का ध्यान रखा। इसके साथ ही उन्होंने दावा किया कि चार साल के बाद भी राज्य सरकार के खिलाफ कोई माहौल (एंटी इनकंबेंसी) नहीं है। उल्लेखनीय है कि दिसंबर 2018 में सत्ता में आई गहलोत सरकार ने अपने कार्यकाल के चार साल शनिवार को पूरा किए। गहलोत ने इस उपलक्ष में यहां जवाहर कला केंद्र में आयोजित राज्य स्तरीय विकास प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा,‘‘हमारे चार साल पूरे हो रहे हैं, हमने कोई कमी नहीं रखी, एक से बढ़कर एक काम किए हैं। हमारी योजनाओं की पूरे देश में चर्चा है।’’ मुख्यमंत्री ने कहा कि हर परिवार का ध्यान रखा गया है। उन्होंने कहा कि आज चार साल के बाद जनता में सरकार के खिलाफ माहौल नहीं है, यह पहला मौका है राजस्थान में कि चार साल के कार्यकाल के बाद भी कोई सरकार विरोधी माहौल नहीं है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने संवेदनशील, पारदर्शी व जवाबदेह प्रशासन देने के लक्ष्य से काम किया। गहलोत ने कहा कि हमने चुनावी घोषणा पत्र को सरकारी दस्तावेज बनाकर वादों को पूरा किया और जनता की भावनाओं के अनुरूप जन घोषणा पत्र बनाया, जिसको आधार बनाकर नीति निर्माण एवं क्रियान्वयन का कार्य किया जा रहा है। अपनी सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि सामाजिक सुरक्षा के लिए लगभग एक करोड़ लोगों को पेंशन दी जा रही है। इंदिरा रसोई योजना में आमजन को पौष्टिक भोजन आठ रुपये में सम्मान के साथ परोसा जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में महिलाओं और बालिकाओं के माहवारी स्वास्थ्य प्रबंधन के लिए 800 करोड़ रुपये की ‘उड़ान योजना‘ के माध्यम से निशुल्क सैनेटरी नेपकिन का वितरण किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की योजनाओं से आज 46 लाख घरेलू उपभोक्ताओं और किसानों का बिजली बिल शून्य आ रहा है, जबकि इंदिरा गांधी शहरी रोजगार गारंटी योजना के माध्यम से शहरी क्षेत्र के बेरोजगारों को राहत दी जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की प्रत्येक योजना के केन्द्र में गरीब एवं वंचित लोग हैं। उन्होंने कहा कि आमजन को महंगे उपचार से मुक्ति दिलाने के लिए मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना लागू की है। इसमें 10 लाख रुपये तक का निशुल्क उपचार मिल रहा है। सरकार के ऐतिहासिक निर्णयों से राजस्थान स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक मॉडल स्टेट बनकर उभरा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश में मानवीय दृष्टि से पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) को लागू किया। उन्होंने कहा कि हमारा वित्तीय प्रबंधन बेहतरीन रहा है, जिससे राज्य में सभी योजनाओं का सफल क्रियान्वयन हो रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार भी ओपीएस लागू करे ताकि कार्मिकों में अपने भविष्य के प्रति सुरक्षा की भावना आए। उन्होंने कहा कि हमारी सोच सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने की है, लेकिन केन्द्र सरकार को पूरे देश में एक समान सामाजिक सुरक्षा नीति लागू करनी चाहिए ताकि वृद्धजनों, दिव्यांगों और विधवाओं को जीवन यापन में आसानी हो सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के 13 जिलों में आमजन और किसानों के लिए पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (ईआरसीपी) अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस योजना से राजस्थान के एक बड़े क्षेत्र में पेयजल व सिंचाई जल की आपूर्ति सुनिश्चित होगी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को जल्द से जल्द ईआरसीपी को राष्ट्रीय परियोजना घोषित करनी चाहिए, क्योंकि अनावश्यक देरी से परियोजना की लागत बढ़ेगी व लोग इसके लाभ से वंचित होंगे।

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सरकार ने कहा कि कल्याणकारी योजनाओं की जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त खाद्यान्न स्टॉक उपलब्ध है
Business सरकार ने कहा कि कल्याणकारी योजनाओं की जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त खाद्यान्न स्टॉक उपलब्ध है

सरकार ने कहा कि कल्याणकारी योजनाओं की जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त खाद्यान्न स्टॉक उपलब्ध है केंद्र ने शनिवार को कहा कि खाद्य सुरक्षा कानून और अन्य कल्याणकारी योजनाओं की जरूरतों को पूरा करने के लिए उसके पास पर्याप्त खाद्यान्न भंडार है। इसके साथ ही सरकार आवश्यक वस्तुओं की कीमतों की नियमित निगरानी भी कर रही है। एक सरकारी बयान के मुताबिक, ‘‘भारत सरकार के पास खाद्य सुरक्षा अधिनियम और अपनी अन्य कल्याणकारी योजनाओं के साथ-साथ प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (पीएमजीकेएवाई) के लिए अतिरिक्त आवंटन की जरूरतों को पूरा करने के लिए केंद्रीय पूल में पर्याप्त खाद्यान्न भंडार मौजूद है।’’ इस बयान के मुताबिक, एक जनवरी, 2023 तक लगभग 159 लाख टन गेहूं और 104 लाख टन चावल उपलब्ध रहेगा जो बफर मानकों से कहीं ज्यादा है। बफर मानकों के तहत एक जनवरी को 138 लाख टन गेहूं और 76 लाख टन चावल रखने की ही जरूरत थी। केंद्रीय खाद्यान्न पूल में 15 दिसंबर तक करीब 180 लाख टन गेहूं और 111 लाख टन चावल उपलब्ध था। एक अप्रैल, एक जुलाई, एक अक्टूबर और एक जनवरी को वर्ष की विशेष तिथियों के लिए बफर मानदंडों की आवश्यकता की परिकल्पना की गई है। मंत्रालय ने कहा कि केंद्रीय पूल के तहत गेहूं और चावल के भंडार की स्थिति हमेशा बफर मानदंडों से काफी ऊपर रही है। केंद्रीय पूल में एक अक्टूबर, 2022 को लगभग 227 लाख टन गेहूं और 205 लाख टन चावल उपलब्ध थे, जबकि एक अक्टूबर को 205 लाख टन गेहूं और 103 लाख टन चावल ही बफर मानदंड के तहत होने की आवश्यकता थी। मंत्रालय ने कहा, ‘‘हालांकि न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से अधिक कीमतों पर किसानों द्वारा खुले बाजार में गेंहूं की बिक्री करने के अलावा कम उत्पादन होने से भी पिछले सत्र में गेहूं की खरीद कम हुई थी। इसके बावजूद गेहूं की अगली फसल आने तक देश की जरूरत को पूरा करने के लिए केंद्रीय पूल में गेहूं का पर्याप्त भंडार उपलब्ध होगा।’’ इसके अलावा, केंद्रीय पूल में पर्याप्त गेहूं का स्टॉक सुनिश्चित करने के लिए एनएफएसए के साथ पीएमजीकेएवाई के तहत किए गए आवंटन को भी चावल के पक्ष में संशोधित किया गया है। पीएमजीकेएवाई के तहत केंद्र सरकार एनएफएसए के दायरे में आने वाले लगभग 80 करोड़ लोगों को प्रति माह पांच किलोग्राम खाद्यान्न मुफ्त देती है। केंद्र सरकार ने इस साल गेहूं की फसल का एमएसपी बढ़ाकर 2,125 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया है जो पिछले साल रबी विपणन सत्र में 2,015 रुपये प्रति क्विंटल था। गेहूं की खरीद अप्रैल से शुरू होगी और प्रारंभिक अनुमानों के मुताबिक पिछले वर्ष की तुलना में गेहूं की बुवाई में काफी वृद्धि हुई है।

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गहलोत ने कहा कि राजस्थान सरकार पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने के फैसले पर कायम रहेगी
National गहलोत ने कहा कि राजस्थान सरकार पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने के फैसले पर कायम रहेगी

गहलोत ने कहा कि राजस्थान सरकार पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने के फैसले पर कायम रहेगी राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सरकारी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) को बहाल करने की आलोचना को खारिज करते हुए शनिवार को कहा कि ओपीएस के रहते हुए भी देश में विकास हुआ है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ओपीएस बहाल करने के अपने फैसले पर कायम रहेगी। गहलोत अपनी सरकार के चार साल पूरे होने पर यहां अपने सरकारी निवास पर संवाददाता से बात कर रहे थे। राज्य में ओपीएस बहाल किए जाने के बाद उठे विवाद को लेकर एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि ओपीएस को मानवीय दृष्टिकोण से बहाल किया गया, जबकि किसी ने इसकी मांग नहीं की थी। मुख्यमंत्री ने कहा,‘‘अभी देश में ओपीएस बहाल करने को लेकर बहस चल रही है। नीति आयोग सहित अनेक अर्थशास्त्रियों ने इसका विरोध किया है। उनका विरोध एक अर्थशास्त्री के दृष्टिकोण से हो रहा होगा .

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हाई कोर्ट ने कहा कि गुजराती भाषा पर गुजरात सरकार की नीति को स्कूलों को लागू करना चाहिए
National हाई कोर्ट ने कहा कि गुजराती भाषा पर गुजरात सरकार की नीति को स्कूलों को लागू करना चाहिए

हाई कोर्ट ने कहा कि गुजराती भाषा पर गुजरात सरकार की नीति को स्कूलों को लागू करना चाहिए गुजरात उच्च न्यायालय ने कहा है कि सीबीएसई और आईसीएसई जैसे अन्य बोर्ड से संबद्ध राज्य के स्कूल पहली से आठवीं कक्षा में गुजराती को एक अनिवार्य विषय के रूप में पढ़ाने की गुजरात सरकार की नीति को लागू करने से इनकार नहीं कर सकते। गुजरात सरकार द्वारा अप्रैल 2018 में पेश की गई नीति के कार्यान्वयन के संबंध में एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए शुक्रवार को न्यायमूर्ति सोनिया गोकानी ने कहा कि अगर सरकार स्कूलों को बाध्य करने में ‘‘असहाय’’ महसूस करती है, तो अदालत आवश्यक निर्देश जारी करेगी। ‘‘मातृअभियान’’ नामक एनजीओ ने इस साल अक्टूबर में जनहित याचिका दायर कर उच्च न्यायालय से गुजराती पर राज्य सरकार की नीति को स्कूलों में अक्षरश: लागू करने का निर्देश देने का अनुरोध किया था। शुक्रवार को सुनवाई के दौरान एनजीओ की ओर से पेश अधिवक्ता अर्चित जानी ने न्यायमूर्ति सोनिया गोकानी और न्यायमूर्ति मोना भट्ट की पीठ को सूचित किया कि एक आरटीआई आवेदन के अनुसार, 15 स्कूलों ने बताया है कि गुजराती उनके पाठ्यक्रम का हिस्सा नहीं है। अर्चित ने कहा, ‘‘वे (स्कूल) गुजराती नहीं पढ़ा रहे हैं। और (सरकार की नीति का पालन नहीं करने के लिए) कोई कार्रवाई नहीं की गई है। उनके (सरकार के) हलफनामे में यह स्पष्ट नहीं है कि सरकार ऐसे स्कूलों के खिलाफ क्या कार्रवाई करेगी।’’ जवाब में राज्य सरकार ने कहा कि वह नियमों का पालन नहीं करने वाले स्कूलों का पता लगाने के लिए सभी जिलों से आंकड़े जुटा रही है। न्यायमूर्ति गोकानी ने कहा, ‘‘आप असहाय महसूस नहीं करें क्योंकि आप राज्य हैं और यह आपकी नीति है। आपको (सरकार) उन्हें (स्कूलों को) यह स्पष्ट करना होगा कि उन्हें इस नीति को लागू करना है। अन्यथा, इसके क्या परिणाम होंगे, यह आपको तय करना है। बोर्ड का अपना पाठ्यक्रम हो सकता है, लेकिन वे इस नीति को ना नहीं कह सकते। अगर उन्हें गुजरात में काम करना है, तो उन्हें नीति को लागू करना होगा।

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सरकार ने निजी अधिवक्ताओं को विभागीय मामलों में पैरवी के लिए नियुक्त करने पर रोक लगायी
National सरकार ने निजी अधिवक्ताओं को विभागीय मामलों में पैरवी के लिए नियुक्त करने पर रोक लगायी

सरकार ने निजी अधिवक्ताओं को विभागीय मामलों में पैरवी के लिए नियुक्त करने पर रोक लगायी उत्‍तर प्रदेश सरकार ने सरकारी खजाने का पैसा बचाने के इरादे से अपने विभिन्न विभागों और एजेंसियों को विशेष निजी अधिवक्ताओं को इलाहाबाद उच्च न्यायालय और उसकी लखनऊ खंडपीठ में उनके मामले लड़ने के लिए नियुक्त करने पर रोक लगा दी है। शासन के न्याय विभाग के विशेष सचिव इंद्रजीत सिंह ने शुक्रवार को इस संबंध में आदेश जारी किया। आदेश में कहा गया है कि उच्च न्यायालय में पहले से नियुक्त सरकारी अधिवक्ता मामलों को संभालने के लिए पर्याप्त रूप से सक्षम हैं।

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संरा ने म्यांमा जुंटा, तालिबान, लीबिया की विरोधी सरकार को सीट देने से इनकार किया
International संरा ने म्यांमा जुंटा, तालिबान, लीबिया की विरोधी सरकार को सीट देने से इनकार किया

संरा ने म्यांमा जुंटा, तालिबान, लीबिया की विरोधी सरकार को सीट देने से इनकार किया संयुक्त राष्ट्र महासभा ने म्यांमा की सैन्य सरकार जुंटा, अफगानिस्तान के तालिबान शासकों और लीबिया की विरोधी सरकार का विश्व निकाय में अपने-अपने देश की सीट संभालने का अनुरोध शुक्रवार को खारिज कर दिया। संयुक्त राष्ट्र के 193 सदस्य देशों ने ‘क्रेडेंशियल्स कमेटी’ की उस सिफारिश को मंजूरी देने के लिए सर्वसम्मति से वीटो किया कि संयुक्त राष्ट्र में अपने-अपने राजदूत भेजने के इन तीनों देशों के अनुरोध को खारिज किया जाए। इस फैसले का मतलब है कि संयुक्त राष्ट्र में म्यांमा का प्रतिनिधित्व क्याव मो तुन करते रहेंगे, जो आंग सान सू ची के नेतृत्व वाली निर्वाचित सरकार को एक फरवरी 2021 को सत्ता से बेदखल किए जाने के वक्त म्यांमा के राजदूत थे। वहीं, अफगानिस्तान की सीट राष्ट्रपति अशरफ गनी की अगुवाई वाली देश की पूर्व सरकार के पास रहेगी, जिन्हें तालिबान ने अगस्त 2021 में सत्ता से बेदखल कर दिया था। इसी तरह, पश्चिमी लीबिया में राजधानी त्रिपोली स्थित सरकार का प्रतिनिधित्व करने वाले राजदूत ताहिर एलसोनी देश के राजदूत बने रहेंगे। ‘क्रेडेंशियल्स कमेटी’ की अध्यक्ष एवं संयुक्त राष्ट्र में गुयाना की राजदूत कैरोलिन रोड्रिगेज बिर्केत ने कहा, ‘‘महासभा के 77वें सत्र में समिति ने म्यांमा, अफगानिस्तान और लीबिया के प्रतिनिधियों से जुड़े परिचय पत्रों पर विचार-विमर्श को भविष्य के लिए टालने का फैसला किया है। महासभा का यह सत्र अगले साल सितंबर में खत्म होगा।

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शिंदे सरकार के खिलाफ MVA का विरोध प्रदर्शन, उद्धव ठाकरे और अजीत पवार शामिल, वलसे पाटिल बोले- इतिहास को बदलने की न करें कोशिश
National शिंदे सरकार के खिलाफ MVA का विरोध प्रदर्शन, उद्धव ठाकरे और अजीत पवार शामिल, वलसे पाटिल बोले- इतिहास को बदलने की न करें कोशिश

शिंदे सरकार के खिलाफ MVA का विरोध प्रदर्शन, उद्धव ठाकरे और अजीत पवार शामिल, वलसे पाटिल बोले- इतिहास को बदलने की न करें कोशिश छत्रपति शिवाजी महाराज पर विवादित टिप्पणी को लेकर एकनाथ शिंदे सरकार और महाराष्ट्र के राज्यपाल बीएस कोश्यारी के खिलाफ मुंबई में महाराष्ट्र विकास अघाड़ी (एमवीए) द्वारा विरोध मार्च निकाला गया। एनसीपी नेता दिलीप वाल्से पाटिल ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज, डॉ सावित्रीबाई फुले और अन्य महानुभावों के खिलाफ कुछ भी कहा जाए तो महाराष्ट्र की जनता बर्दाश्त नहीं करेगी। शिंदे सरकार को हमारा संदेश है कि उन्हें राज्य के इतिहास को बदलने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। इसे भी पढ़ें: Mumbai: एसीबी ने दो पुलिसकर्मियों को रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार कियाशिवसेना नेता उद्धव ठाकरे और राकांपा नेता अजीत पवार मुंबई में महाराष्ट्र विकास अघाड़ी (एमवीए) द्वारा राज्य सरकार और राज्यपाल बीएस कोश्यारी के खिलाफ छत्रपति शिवाजी महाराज पर उनकी विवादास्पद टिप्पणी को लेकर विरोध मार्च में शामिल हुए। बता दें कि शहर में कोई अप्रिय घटना न हो इसके लिए 2,500 से अधिक पुलिसकर्मियों को सड़कों पर तैनात किया गया है। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए 317 पुलिस अधिकारी, 1,870 कांस्टेबल, राज्य रिजर्व पुलिस बल के 22 प्लाटून और दंगा नियंत्रण पुलिस के कम से कम 30 दस्ते मौजूद हैं। शिंदे सरकार के खिलाफ एमवीए में कांग्रेस नेता बालासाहेब थोराट ने कहा कि कुछ प्रमुख परियोजनाओं को महाराष्ट्र से हटाकर गुजरात को दे दिया गया और वहां भाजपा ने चुनाव जीता। महाराष्ट्र की जनता अपने वोट से भाजपा को कड़ा संदेश देगी।  

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पंजाब में हेल्थी और सस्ती शराब लाएगी भगवंत मान सरकार, बोतलों के बजाय पाउच में मिला करेगा
National पंजाब में हेल्थी और सस्ती शराब लाएगी भगवंत मान सरकार, बोतलों के बजाय पाउच में मिला करेगा

पंजाब में हेल्थी और सस्ती शराब लाएगी भगवंत मान सरकार, बोतलों के बजाय पाउच में मिला करेगा बिहार में शराबबंदी कानून लागू होने के बाद से ही अवैध शराब की बड़ी खेप बरामद हो रही है। सारण और सीवान जिले में जहरीली शराब पीने से अब तक 57 लोगों की मौत हो गई है। पंजाब की भगवंत मान सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि वो अवैध शराब से लोगों को दूर करने के लिए एक स्वस्थ विकल्प के रूप में देसी शराब का हेल्दी वैरिएंट प्रदान करने की योजना बना रही है। भगवंत मान ने कहा कि अवैध रूप से पीसा घर का बना शराब के लिए एक "

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शिंदे सरकार के विरोध में MVA का हल्ला बोल मार्च, मुंबई में 2,500 पुलिसकर्मी तैनात, बीजेपी का जवाब में ‘माफी मांगो’ प्रदर्शन
National शिंदे सरकार के विरोध में MVA का हल्ला बोल मार्च, मुंबई में 2,500 पुलिसकर्मी तैनात, बीजेपी का जवाब में ‘माफी मांगो’ प्रदर्शन

शिंदे सरकार के विरोध में MVA का हल्ला बोल मार्च, मुंबई में 2,500 पुलिसकर्मी तैनात, बीजेपी का जवाब में ‘माफी मांगो’ प्रदर्शन मुंबई की सड़कों पर आज दो विरोध मार्च देखने को मिलेंगे। एक विपक्षी महा विकास अघाड़ी (एमवीए) के 'हल्ला बोल' द्वारा एकनाथ शिंदे की सरकार के खिलाफ और दूसरा सत्तारूढ़ सहयोगी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा प्रति-विरोध है। अधिकारियों ने बताया कि शहर में कोई अप्रिय घटना न हो इसके लिए 2,500 से अधिक पुलिसकर्मियों को सड़कों पर तैनात किया गया है। एक अधिकारी ने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए मार्च के रास्ते में पर्याप्त संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है।इसे भी पढ़ें: Mumbai: एसीबी ने दो पुलिसकर्मियों को रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार कियाउन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए 317 पुलिस अधिकारी, 1,870 कांस्टेबल, राज्य रिजर्व पुलिस बल के 22 प्लाटून और दंगा नियंत्रण पुलिस के कम से कम 30 दस्ते मौजूद रहेंगे। शिवसेना, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) और कांग्रेस के नेताओं के अनुसार, एमवीए विरोध के कारणों में से एक छत्रपति शिवाजी महाराज और महात्मा ज्योतिबा फुले जैसे राज्य के प्रतीक का "

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सरकार ने नियमित वाहन पंजीकरण को भारत श्रृंखला में बदलने की अनुमति दी
Business सरकार ने नियमित वाहन पंजीकरण को भारत श्रृंखला में बदलने की अनुमति दी

सरकार ने नियमित वाहन पंजीकरण को भारत श्रृंखला में बदलने की अनुमति दी सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने नियमित वाहन पंजीकरणों को भारत श्रृंखला (बीएच) के नंबरों में बदलने की अनुमति दे दी है। यह कदम बीएच श्रृंखला पारिस्थितिकी तंत्र के दायरे को व्यापक बनाने के उपायों के तहत उठाया गया है। अभी तक केवल नए वाहन ही बीएच श्रृंखला के निशान या चिह्न का विकल्प चुन सकते थे। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने शुक्रवार को एक आधिकारिक बयान में कहा कि बीएच श्रृंखला पंजीकरण चिह्न नियमों के क्रियान्वयन के दौरान बीएच श्रृंखला पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के लिए कई प्रतिवेदन मिले हैं।

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Bihar: तेजस्वी ने किया सरकार का बचाव, बोले- भाजपा शासित UP और हरियाणा हो रही शराब की सप्लाई
National Bihar: तेजस्वी ने किया सरकार का बचाव, बोले- भाजपा शासित UP और हरियाणा हो रही शराब की सप्लाई

Bihar: तेजस्वी ने किया सरकार का बचाव, बोले- भाजपा शासित UP और हरियाणा हो रही शराब की सप्लाई बिहार में जहरीली शराब पीने से लगभग 58 लोगों की मौत हो गई है। बिहार में शराबबंदी कानून लागू है। बावजूद इसके लोग शराब का सेवन कर रहे हैं। भाजपा का दावा है कि सरकार की विफलता की वजह से बिहार में शराब का सेवन अभी भी जारी है। इन सबके बीच भाजपा जबरदस्त तरीके से नीतीश कुमार और उनकी सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रही है। नीतीश कुमार और उनकी सरकार के खिलाफ भाजपा का प्रदर्शन आज भी जारी रहा। भाजपा लगातार नीतीश कुमार का इस्तीफा मांग रही है। इसके अलावा बिहार में राष्ट्रपति शासन की भी मांग की जा रही है। हालांकि, नीतीश कुमार साफ तौर पर यह कह रहे हैं कि जो भी शराब पिएगा, वह मरेगा। शराब पीना ठीक नहीं है और किसी धर्म में नहीं लिखा है कि आपको शराब पीना है।  इसे भी पढ़ें: Bihar : दोनों सदनों में छाया रहा सारण जहरीली शराब त्रासदी का मामला, मृतक संख्या बढ़कर 30 हुई

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Private Institutions पर राजस्थान सरकार लगाएगी लगाम, ला सकती है विधेयक
National Private Institutions पर राजस्थान सरकार लगाएगी लगाम, ला सकती है विधेयक

Private Institutions पर राजस्थान सरकार लगाएगी लगाम, ला सकती है विधेयक जयपुर। राजस्थान सरकार द्वारा बहुप्रतीक्षित ‘राजस्थान निजी शैक्षिक नियामक प्राधिकरण विधेयक-2022’ विधानसभा के आगामी बजट सत्र में पेश किए जाने की संभावना है। इसमें राज्य सरकार एक नियामक प्राधिकरण के माध्यम से छात्रों में तनाव सहित विभिन्न मुद्दों को हल करने का प्रयास करेगी। विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं और प्रवेश परीक्षाओं की तैयारियों के लिए कोटा में रहने वाले छात्रों द्वारा अवसाद सहित अन्य कारणों से आत्महत्या किए जाने की पृष्ठभूमि में सरकार ने करीब तीन साल पहले ही इस विधेयक को लाने पर काम करना शुरू किया था।  इस विधेयक पर काम 2020 में शुरू हुआ और इसका मसौदा भी तैयार है। प्राप्त सूचना के अनुसार, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए राजस्थान निजी शिक्षा विनियामक प्राधिकरण की स्थापना का प्रावधान करने वाला यह विधेयक निजी शिक्षा संस्थानों और कोचिंग/ट्यूशन केंद्रों द्वारा लगाए जाने वाले शिक्षण शुल्क, वार्षिक शुल्क वृद्धि, आवश्यक अध्ययन सामग्री की लागत और अन्य शुल्कों की संरचना को भी नियमित करेगा। मसौदे के अनुसार, इस प्रस्तावित प्राधिकरण की अध्यक्षता किसी प्रतिष्ठित शिक्षाविद को सौंपी जाएगी।  अध्यक्ष की जिम्मेदारी होगी कि वह छात्रों के लिए अध्ययन के घंटे तय करने संबंधी अलग-अलग प्रावधान करेंगे, नियमित विषय परीक्षणों के बीच पर्याप्त समयांतर सुनिश्चित करेंगे ताकि छात्रों के मानसिक व शारीरिक स्वास्थ्य पर कोई अनुचित दबाव ना पड़े। मसौदा विधेयक के अनुसार, एक ‘करियर परामर्श सेल’ भी बनेगा जो छात्रों को (इंजीनियरिंग, मेडिकल से इतर) विभिन्न संभावित करियर क्षेत्रों के बारे में बताएगा जहां वे अपना उज्जवल भविष्य बना सकते हैं, ताकि उन्हें अपने भविष्य को लेकर अत्यंत मानसिक दबाव का सामना न करना पड़े।  प्रस्तावित प्राधिकरण कोचिंग/ट्यूशन केंद्रों के फर्जी विज्ञापन, झूठे दावों (किसी परीक्षा विशेष में चयनित छात्रों की संख्या, फैकल्टी का नाम और अन्य) के कदाचार पर लगाम लगाने के लिए कदम उठाएगा। यह फर्जी विज्ञापनबाजी और टॉपर्स के महिमामंडन को हतोत्साहित करने के उपाय भी करेगा ताकि अपना रिजल्ट खराब होने पर बच्चे हतोत्साहित न हों। मसौदा विधेयक के अनुसार, ‘‘शैक्षणिक संस्थानों में छात्रों का मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य सुनिश्चित करने के लिए यह प्राधिकरण छात्रों के नियमित परामर्श, मनोरंजन और सुरक्षा के लिए नियम बनाएगा।  यह हर संस्थान में एक परामर्श और सलाह प्रकोष्ठ की स्थापना को अनिवार्य करेगा।’’ इसके अनुसार, ‘‘साथ ही छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विशेष निर्देश जारी किए जाएंगे। निजी शिक्षण संस्थानों के सभी स्तरों पर ‘अलग-अलग सक्षम’ छात्रों, शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों के लिए भी विशेष प्रावधान किए जाएंगे।’’ प्राधिकरण कोचिंग केंद्रों में दाखिला लेकर पढ़ने वाले छात्रों तथा उनके माता-पिता को होने वाले अत्यंत तनाव के गंभीर मुद्दे का समाधान करना चाहता है। प्राधिकरण छात्रों और अभिभावकों के लिए 24 घंटे हेल्पलाइन की स्थापना को अनिवार्य करेगा और कोचिंग केंद्रों के लिए एक तर्कसंगत शुल्क संरचना विकसित करने का प्रावधान भी करेगा।  आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि विधेयक को विधानसभा के अगले सत्र में पेश किए जाने की संभावना है। राज्य सरकार ने पिछले महीने प्रदेश में संचालित कोचिंग संस्थानों में पढ़ने/रहने वाले विद्यार्थियों को मानसिक सहयोग एवं सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से दिशा-निर्देश जारी किये थे। दिशानिर्देशों का उद्देश्य छात्रों के लिए तनाव मुक्त और सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करना था। उल्लेखनीय है कि कोटा में प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी कर रहे तीन छात्रों ने हाल ही में आत्महत्या कर ली थी।  नीट की तैयारी कर रहे अंकुश आनंद (18) और जेईई की तैयारी कर रहे उज्ज्वल कुमार (17) ने सोमवार सुबह अपने पीजी के कमरों में फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली। दोनों बिहार के रहने वाले थे। पुलिस ने बताया कि तीसरा छात्र प्रणव वर्मा (17) मध्य प्रदेश का रहने वाला था और वह नीट की तैयारी कर रहा था। उसने रविवार देर रात अपने हॉस्टल में कथित तौर पर कुछ जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली। देशभर के दो लाख से अधिक छात्र कोटा में विभिन्न संस्थानों में मेडिकल तथा इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रवेश परीक्षाओं के लिए कोचिंग ले रहे हैं और करीब 3,500 हॉस्टल तथा पीजी में रह रहे हैं।

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Tawang में टकराव पर राहुल गांधी बोले, सरकार मुद्दे को कर रही नजरअंदाज, युद्ध की तैयारी कर रहा चीन
National Tawang में टकराव पर राहुल गांधी बोले, सरकार मुद्दे को कर रही नजरअंदाज, युद्ध की तैयारी कर रहा चीन

Tawang में टकराव पर राहुल गांधी बोले, सरकार मुद्दे को कर रही नजरअंदाज, युद्ध की तैयारी कर रहा चीन अरुणाचल प्रदेश के तवांग में भारत और चीन की सेना के बीच 9 दिसंबर को झड़प हो गई थी। इसको लेकर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने संसद में बताया कि चीन ने एलएसी पर यथास्थिति को एकतरफा बदलने की कोशिश की। भारतीय सेना ने उनका मुंह तोड़ जवाब दिया और उन्हें वापस खदेड़ भेजा। हालांकि, इस पर विपक्ष जबरदस्त तरीके से सरकार पर सवाल खड़े कर रहा है। कांग्रेस सड़क से लेकर संसद तक सरकार को घेरने की कोशिश कर रही है। वहीं, अब राहुल गांधी का भी बयान सामने आ गया है। राहुल गांधी ने साफ तौर पर कहा है कि सरकार गंभीर मुद्दे को नजरअंदाज कर रही है। चीन युद्ध की तैयारी कर चुका है।  इसे भी पढ़ें: क्या PLA ने गलवान के सैन्य बंदियों को 'कबूलनामा' के लिए किया था बाध्य, सामने आया चीन का प्रोपगेंडा वीडियो

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Maharashtra: राज्य में यहूदी स्थानों पर पर्यटन को बढ़ावा देगी सरकार
National Maharashtra: राज्य में यहूदी स्थानों पर पर्यटन को बढ़ावा देगी सरकार

Maharashtra: राज्य में यहूदी स्थानों पर पर्यटन को बढ़ावा देगी सरकार मुंबई। महाराष्ट्र में यहूदी विरासत स्थलों को पर्यटन केंद्रों के रूप में बढ़ावा दिया जाएगा। राज्य के पर्यटन मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने इस संबंध में बृहस्पतिवार को मुंबई में इजराइली वाणिज्य दूतावास के अधिकारियों के साथ एक आशय पत्र पर हस्ताक्षर किए। लोढ़ा ने कहा, ‘‘महाराष्ट्र सरकार राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए यहूदी स्मारकों और अन्य स्थानों का संरक्षण करेगी।

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एक जनवरी को 159 लाख टन होगा गेहूं का भंडार, बफर मानदंड से कहीं अधिक : सरकार
Business एक जनवरी को 159 लाख टन होगा गेहूं का भंडार, बफर मानदंड से कहीं अधिक : सरकार

एक जनवरी को 159 लाख टन होगा गेहूं का भंडार, बफर मानदंड से कहीं अधिक : सरकार सरकार ने बृहस्पतिवार को कहा कि एक जनवरी, 2023 को केंद्रीय पूल में गेहूं का भंडार करीब 159 लाख टन का होगा जबकि बफर मानदंड के हिसाब से यह 138 लाख टन ही होना चाहिये था। एक सरकारी बयान में कहा गया, ‘‘भारत सरकार के पास एनएफएसए (राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम) और अन्य कल्याणकारी योजनाओं के साथ-साथ पीएमजीकेएवाई (प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना) के अतिरिक्त आवंटन की आवश्यकता को पूरा करने के लिए केंद्रीय पूल के तहत पर्याप्त खाद्यान्न स्टॉक है।’’ एक जनवरी, 2023 तक लगभग 159 लाख टन गेहूं उपलब्ध होगा, जो 138 लाख टन के बफर मानक की जरूरत से कहीं अधिक है। 12 दिसंबर तक केंद्रीय पूल में करीब 182 लाख टन गेहूं उपलब्ध है। इसमें कहा गया है, ‘‘भारत सरकार गेहूं के मूल्य परिदृश्य से अच्छी तरह वाकिफ है और अन्य जिंसों के साथ-साथ साप्ताहिक आधार पर नियमित रूप से इसकी निगरानी कर रही है और जरूरत पड़ने पर सुधारात्मक कदम उठा रही है।’’ केंद्र ने आगे किसी भी मूल्य वृद्धि को रोकने के लिए सक्रिय कदम उठाए हैं और 13 मई, 2022 से निर्यात नियम लागू किए गए हैं। बयान में कहा गया है कि इसके अलावा एनएफएसए के साथ-साथ पीएमजीकेएवाई के तहत आवंटन भी कल्याणकारी योजनाओं की आवश्यकताओं को पूरा करने के मकसद से केंद्रीय पूल में पर्याप्त गेहूं स्टॉक रखने के लिए चावल के पक्ष में संशोधित किया गया है। केंद्र ने इस साल गेहूं की फसल का एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) बढ़ाकर 2,125 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया है, जबकि पिछले साल आरएमएस (रबी विपणन सत्र) 2022-23 के लिए एमएसपी 2,015 रुपये प्रति क्विंटल था। इस प्रकार, एमएसपी में 110 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि के साथ-साथ काफी अच्छी जलवायु परिस्थितियों से यह उम्मीद की जाती है कि अगले सत्र के दौरान गेहूं का उत्पादन और खरीद सामान्य रहेगी। बयान में कहा गया है, ‘‘अगले सत्र में गेहूं की खरीद अप्रैल, 2023 से शुरू होगी और शुरुआती आकलन के मुताबिक पिछले साल की तुलना में गेहूं की बुवाई में बढ़ोतरी हुई है।’’ सरकार ने कहा कि उसने यह सुनिश्चित किया है कि सभी कल्याणकारी योजनाओं की आवश्यकता को पूरा करने के लिए केंद्रीय पूल में खाद्यान्न का पर्याप्त भंडार उपलब्ध हो और कीमतें नियंत्रण में रहें।

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दलहन उत्पादन बढ़ाने के लिए किसानों का समर्थन करेगी सरकार: सचिव
Business दलहन उत्पादन बढ़ाने के लिए किसानों का समर्थन करेगी सरकार: सचिव

दलहन उत्पादन बढ़ाने के लिए किसानों का समर्थन करेगी सरकार: सचिव सरकार ने बृहस्पतिवार को कहा कि वह दालों का उत्पादन बढ़ाने के लिए किसानों का समर्थन करने के लिए कदम उठाएगी और सस्ते दामों पर इन उत्पादों को उपलब्ध कराने के अपने उद्देश्य के तहत आयात को भी कारगर बनाएगी। एक सरकारी बयान के अनुसार, उपभोक्ता मामलों का विभाग दलहन उत्पादन बढ़ाने के मकसद से भारतीय किसानों का समर्थन करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगा। उपभोक्ता मामलों के विभाग के सचिव रोहित कुमार सिंह ने दलहन संघों के साथ बैठक के दौरान कहा कि आयातकों को दालों के निर्बाध आयात के लिए भी समर्थन दिया जाएगा ताकि उपभोक्ताओं को वर्ष 2023 के दौरान सस्ती कीमतों पर दालें उपलब्ध हों। इसके अलावा सिंह ने घरेलू उत्पादन और दालों के आयात विशेष रूप से अरहर, उड़द और मसूर दोनों के महत्व को दोहराया। बयान में कहा गया, ‘‘म्यामां से उत्पादन बढ़ने के साथ आने वाले वर्ष में वैश्विक उपलब्धता बेहतर होने की उम्मीद है। म्यामां में आवक शुरू हो गई है और अफ्रीकी देशों में दालों की बुवाई के रकबे में वृद्धि का संकेत मिल रहा है, जो दलहन अगस्त, 2023 से उपलब्ध होगा। इससे दालों के आयात का निरंतर प्रवाह बनाए रखना और उपलब्धता से संबंधित चिंताओं को दूर करना संभव हो सकता है।’’ बैठक में इंडिया पल्स एंड ग्रेन एसोसिएशन (आईपीजीए), ओवरसीज एग्रो ट्रेडर्स एसोसिएशन (ओएटीए म्यामां), ऑल इंडिया दाल मिल्स एसोसिएशन, तमिलनाडु पल्सेस इम्पोर्टर्स एंड एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन और आई-ग्रेन के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

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डेनमार्क की प्रधानमंत्री फ्रेडरिकसन ने नई सरकार गठित की
International डेनमार्क की प्रधानमंत्री फ्रेडरिकसन ने नई सरकार गठित की

डेनमार्क की प्रधानमंत्री फ्रेडरिकसन ने नई सरकार गठित की डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिकसन ने बृहस्पतिवार को पार्टियों के आपसी विरोधों को खत्म कर तीन-पक्षीय बहुमत वाले गठबंधन की सरकार बनाई। गठबंधन में लिबरल पार्टी के नेता और एक पूर्व प्रधानमंत्री को प्रमुख पद दिए गए। यह 44 वर्षों में पहली बार है कि ऐसी मध्यमार्गी सरकार का गठन किया गया है। इस गठन ने दो गुटों के दशकों से एक-दूसरे का विरोध का अंत कर दिया है। गठबंधन में लिबरल पार्टी नेता जैकब एलेमैन-जेन्सेन को रक्षा मंत्री बनाया, जबकि पूर्व प्रधानमंत्री लार्स लोके रासमुसेन को विदेश मंत्री बनाया है। सरकार के 23 मंत्रालयों में से फ्रेडरिकसन के सोशल डेमोक्रेट्स को 11 मंत्रालय मिलेंगे जबकि लिबरल्स को सात और मोडरेट्स को पांच। नवंबर में आम चुनाव संपन्न हुए और42 दिनों तक चली बातचीतके बाद सरकार के लिए नए गठबंधन का मंगलवार को ऐलान किया गया था। संसद की कुल 179 सीटों में से तीनों दलों के पास 89 सीटें हैं।

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पंजाब में हिंसा और आतंक की बढ़ती घटनाओं पर तत्काल ध्यान दे मान सरकार
Column पंजाब में हिंसा और आतंक की बढ़ती घटनाओं पर तत्काल ध्यान दे मान सरकार

पंजाब में हिंसा और आतंक की बढ़ती घटनाओं पर तत्काल ध्यान दे मान सरकार पंजाब में हिंसा, आतंकवाद एवं नशे की बढ़ती घटनाएं चिन्ता का कारण बनती जा रही हैं। जबसे आम आदमी पार्टी की सरकार बनी है, हिंसा, हथियारों एवं नशे की उर्वरा भूमि बनकर पंजाब के जीवन की शांति पर कहर ढहा रही है। आतंकवादी घटनाओं का बढ़ना न केवल पंजाब बल्कि पूरे राष्ट्र के लिये संकट का संकेत हैं। ऐसा ही एक ताजा संकेत तरनतारन के एक थाने में राकेट लांचर से हमला से मिला है, जिसे अतिवादी-आतंकी तत्वों के दुस्साहस का नया प्रमाण कहा जा सकता है। इस हमले ने कुछ माह पहले मोहाली में खुफिया विभाग के मुख्यालय पर हुए राकेट हमले की याद दिला दी। इस हमले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी की ओर से यह मानकर की जा रही है कि यह आतंकी हमला है। प्रांत में लगातार सिर उठा रही आतंकवादी घटनाएं, नशे का बढ़ता प्रचलन एवं बन्दूक संस्कृति इस प्रांत के अशांत एवं अस्थिर होने की आधारभूमि कही जा सकती है।

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Punjab: SGPC ने UCC के खिलाफ प्रस्ताव पारित, कहा केंद्र सरकार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के एजेंडे को आगे बढ़ा रही है
National Punjab: SGPC ने UCC के खिलाफ प्रस्ताव पारित, कहा केंद्र सरकार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के एजेंडे को आगे बढ़ा रही है

Punjab: SGPC ने UCC के खिलाफ प्रस्ताव पारित, कहा केंद्र सरकार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के एजेंडे को आगे बढ़ा रही है अमृतसर।  शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) की कार्यकारिणी ने सोमवार को एक प्रस्ताव पारित कर देश में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के प्रयासों की निंदा की। प्रस्ताव में कहा गया है कि भाजपा के राज्यसभा सदस्य किरोड़ी लाल मीणा ने यूसीसी के अधिनियमन की मांग करते हुए संसद में एक निजी विधेयक पेश किया, जिसका केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने समर्थन किया। एसजीपीसी ने आगे कहा कि भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने के राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के एजेंडे को आगे बढ़ा रही है। एसजीपीसी के अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने कहा, ‘‘भाजपा सरकार देश में अल्पसंख्यकों का दमन करना चाहती है, जिसके खिलाफ हर स्तर पर आवाज उठाई जाएगी।

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वैष्णव ने कहा कि मोदी सरकार ने सवा लाख करोड़ रुपये का काला धन जब्त किया है
Business वैष्णव ने कहा कि मोदी सरकार ने सवा लाख करोड़ रुपये का काला धन जब्त किया है

वैष्णव ने कहा कि मोदी सरकार ने सवा लाख करोड़ रुपये का काला धन जब्त किया है रेल, संचार और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने नरेंद्र मोदी सरकार के आने के बाद 1.

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भाजपा ने झारखंड का शोषण किया, वादे पूरे कर रही है संप्रग सरकार : सोरेन
National भाजपा ने झारखंड का शोषण किया, वादे पूरे कर रही है संप्रग सरकार : सोरेन

भाजपा ने झारखंड का शोषण किया, वादे पूरे कर रही है संप्रग सरकार : सोरेन झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर जोरदार हमला बोलते हुए सोमवार को आरोप लगाया कि उसने पिछले 20 वर्षों के अपने शासनकाल में राज्य का शोषण किया है। सोरेन राज्य में संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार के तीन साल पूरे होने के मौके पर यहां खतियानी जौहर यात्रा के दौरान एक रैली को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि उनकी अगुवाई वाली प्रदेश सरकार अपने वादों को पूरा कर रही है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सरकार की योजनाओं का लाभ ग्रामीणों तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि विपक्षी भाजपा संप्रग सरकार के विकास कार्यों को पचा नहीं पा रही है। मुख्यमंत्री ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछली डबल इंजन सरकारों ने राज्य को बहुत नुकसान पहुंचाया था। सोरेन ने कहा कि उनकी सरकार ने राज्य में रिक्त सरकारी पदों और सेवाओं में आरक्षण बढ़ाकर 77 प्रतिशत करने के लिए ऐतिहासिक कदम उठाया है। उन्होंने कहा, “ हमने लोगों से जो भी वादा किया था, उसे पूरा किया है। अब यह केंद्र की जिम्मेदारी है कि वह झारखंड की आरक्षण नीति और भूमि रिकॉर्ड ब्योरे के लिए 1932 को कट-ऑफ वर्ष के तौर मान्यता देने के लिए उसे संविधान की नौवीं अनुसूची में शामिल करे।

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