राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस ही संविधान की रक्षा कर सकती है
National राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस ही संविधान की रक्षा कर सकती है

राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस ही संविधान की रक्षा कर सकती है कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) संविधान पर प्रतिदिन हमला करती है क्योंकि वह यह स्वीकार नहीं करना चाहती कि दलितों, आदिवासियों और गरीबों को अधिकार मिलने चाहिए। गांधी ने अंग्रेजों के लिए ‘‘काम करने’’ को लेकर हिंदुत्व विचारक वी डी सावरकर पर भी निशाना साधा। गांधी की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ का आज 69वां दिन था और यात्रा मंगलवार को हिंगोली से महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र के वाशिम जिला पहुंची। गांधी ने कहा कि केवल कांग्रेस ही संविधान की रक्षा कर सकती है, आदिवासियों को शिक्षा दे सकती है और उनकी जमीन और अधिकारों की रक्षा कर सकती है। केरल से लोकसभा सदस्य गांधी ने दो जनसभाओं को संबोधित किया और 2016 की नोटबंदी, वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) से लेकर कृषि ऋण जैसे मुद्दों पर भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा। गांधी ने आदिवासी स्वतंत्रता सेनानी बिरसा मुंडा की जयंती पर दोपहर में एक जनसभा को संबोधित किया।

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भारत देगा आसियान-भारत विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी कोष में 50 लाख अमेरिकी डॉलर
International भारत देगा आसियान-भारत विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी कोष में 50 लाख अमेरिकी डॉलर

भारत देगा आसियान-भारत विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी कोष में 50 लाख अमेरिकी डॉलर भारत ने जन स्वास्थ्य, नवीकरणीय ऊर्जा और उन्नत कृषि के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए आसियान-भारत विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी कोष में 50 लाख अमेरिकी डॉलर के अतिरिक्त योगदान की घोषणा की। आसियान-भारत और पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन के लिए उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ की कंबोडिया की तीन दिवसीय यात्रा के दौरान यह घोषणा की गई। शनिवार को उन्होंने आसियान-भारत शिखर सम्मेलन को संबोधित किया।

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तमिल भाषा में तकनीकी शिक्षा मुहैया कराए तमिलनाडु सरकारः अमित शाह
National तमिल भाषा में तकनीकी शिक्षा मुहैया कराए तमिलनाडु सरकारः अमित शाह

तमिल भाषा में तकनीकी शिक्षा मुहैया कराए तमिलनाडु सरकारः अमित शाह चेन्नई। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को तमिलनाडु सरकार से तमिल में तकनीकी शिक्षा देने का अनुरोध करने के साथ ही इस दक्षिण भारतीय राज्य को केंद्र की तरफ से दिए गए वित्तीय समर्थन का भी उल्लेख किया। शाह ने यहां सीमेंट कंपनी द इंडिया सीमेंट्स लिमिटेड के हीरक जयंती कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में देश की अर्थव्यवस्था को वर्ष 2025 तक पांच लाख करोड़ डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य हासिल कर लिया जाएगा।  इसे भी पढ़ें: प्रवर्तन निदेशालय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का एक ‘‘राजनीतिक हथियार’’: जयराम रमेश

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जम्मू-कश्मीर में कृषि प्रौद्योगिकी स्टार्टअप के लिए अपार संभावनाएं: डॉ जितेंद्र सिंह
Proventhings जम्मू-कश्मीर में कृषि प्रौद्योगिकी स्टार्टअप के लिए अपार संभावनाएं: डॉ जितेंद्र सिंह

जम्मू-कश्मीर में कृषि प्रौद्योगिकी स्टार्टअप के लिए अपार संभावनाएं: डॉ जितेंद्र सिंह जम्मू-कश्मीर की भौगोलिक परिस्थितियां और जलवायु औषधीय एवं सुगंधित पौधों की खेती के लिए अनुकूल हैं। इसीलिए, यहाँ कृषि प्रौद्योगिकी स्टार्टअप की अपार संभावनाएं हैं। श्रीनगर में बुधवार को स्टार्टअप केंद्रित कश्मीर-एक्स्पो का उद्घाटन करते हुए केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी एवं पृथ्वी विज्ञान राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और पीएमओ, कार्मिक, लोक शिकायत, पेंशन, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष राज्यमंत्री, डॉ जितेंद्र सिंह ने यह बात कही है। 

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बेंगलुरु प्रौद्योगिकी शिखर सम्मेलन को संबोधित करेंगे प्रधानमंत्री मोदी
Business बेंगलुरु प्रौद्योगिकी शिखर सम्मेलन को संबोधित करेंगे प्रधानमंत्री मोदी

बेंगलुरु प्रौद्योगिकी शिखर सम्मेलन को संबोधित करेंगे प्रधानमंत्री मोदी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों एशिया के सबसे बड़े प्रौद्योगिकी कार्यक्रम बेंगलुरु टेक समिट के उद्घाटन सत्र को 16 नवंबर को संबोधित करेंगे। कर्नाटक सरकार का इलेक्ट्रॉनिक्स, सूचना प्रौद्योगिकी, जैव प्रौद्योगिकी तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क ऑफ इंडिया (एसटीपीआई) के साथ मिलकर 16-18 नंवबर को शिखर सम्मेलन का आयोजित कर रहा है। सम्मेलन का यह 25वां सत्र है। इलेक्ट्रॉनिक्स, सूचना प्रौद्योगिकी, जैव प्रौद्योगिकी तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव ई वी रमण रेड्डी ने कहा कि मोदी और मैक्रों का संबोधन रिकॉर्ड किया हुआ होगा। इस कार्यक्रम में भाग लेने वाले प्रमुख व्यक्तियों में संयुक्त अरब अमीरात केकृत्रिम मेधा (एआई) और डिजिटल अर्थव्यवस्था मामलों के राज्यमंत्री उमर बिन सुल्तान अल ओलमा, ऑस्ट्रेलिया के विदेश मामलों के सहायक मंत्री टिम वाट्स और फिनलैंड के विज्ञान तथा संस्कृति मंत्री पेट्री होंकोनेन शामिल हैं।

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सरकार ने एनसीएलटी में 15 न्यायिक, तकनीकी सदस्यों को नियुक्त किया
Business सरकार ने एनसीएलटी में 15 न्यायिक, तकनीकी सदस्यों को नियुक्त किया

सरकार ने एनसीएलटी में 15 न्यायिक, तकनीकी सदस्यों को नियुक्त किया सरकार ने राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) में 15 न्यायिक और तकनीकी सदस्यों को नियुक्त किया है। न्यायाधिकरण इस समय न्यायाधीशों की कमी से जूझ रहा है। एनसीएलटी दिवाला एवं ऋण शोधन अक्षमता संहिता और कंपनी कानून से जुड़े मामलों को देखता है। आधिकारिक आदेश के अनुसार, एनसीएलटी में नौ न्यायिक और छह तकनीकी सदस्य नियुक्त किये गये हैं। इन सदस्यों को पदभार ग्रहण करने की तारीख से पांच साल या 65 साल की आयु पूरा होने तक, जो भी पहले हो, के लिये नियुक्त किया गया है। पांच नवंबर के आदेश के अनुसार, मद्रास उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) टी कृष्णा वल्ली, इलाहाबाद उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) विकास कुंवर श्रीवास्तव, कानूनी मामलों के विभाग में वरिष्ठ सरकारी वकील महेंद्र खंडेलवाल, केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (सीएटी) में न्यायिक सदस्य बिदिशा बनर्जी, अधिवक्ता प्रवीण गुप्ता और अशोक कुमार भारद्वाज न्यायिक सदस्यों में शामिल हैं। अन्य सदस्यों में सेवानिवृत्त जिला न्यायाधीश (पंजाब) कुलदीप कुमार करीर, सेवानिवृत्त जिला न्यायाधीश (गौतमबुद्ध नगर) विशेष शर्मा और वाणिज्यिक अदालत में जिला अदालत न्यायाधीश (दिल्ली उच्च न्यायिक सेवा) संजीव जैन शामिल हैं। तकनीकी सदस्यों में चार्टर्ड अकाउंटेंट प्रभात कुमार, यूको बैंक के पूर्व कार्यकारी निदेशक चरण सिंह, केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) की पूर्व सदस्य अनु जगमोहन सिंह, सेवानिवृत्त प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त आशीष वर्मा, सिटी बैंक इंडिया में पूर्व निदेशक मधु सिन्हा और पशुपालन और डेयरी विभाग में पूर्व सचिव अतुल चतुर्वेदी शामिल हैं। एनसीएलटी की कुल 28 शाखाएं हैं और मंजूर सदस्यों की संख्या 63 है। इसमें 31 सदस्य न्यायायिक और 31 सदस्य प्रशासनिक श्रेणी से आते हैं। अध्यक्ष नयी दिल्ली में प्रधान पीठ की अध्यक्षता करते हैं।

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नीति आयोग ने कहा, सरकार जल्द लाए डेटा प्रोटेक्शन सिस्टम
Business नीति आयोग ने कहा, सरकार जल्द लाए डेटा प्रोटेक्शन सिस्टम

नीति आयोग ने कहा, सरकार जल्द लाए डेटा प्रोटेक्शन सिस्टम नीति आयोग ने कहा है कि सरकार को आंकड़ों का संरक्षण सुनिश्चित करने के लिए जल्द-से-जल्द एक कूटबद्ध डेटा संरक्षण व्यवस्था लेकर आनी चाहिए। नीति आयोग ने हाल ही में सबके लिए जिम्मेदार एआई (कृत्रिम मेधा) शीर्षक से जारी एक विमर्श पत्र में सरकार को यह सुझाव दिया है। इसके मुताबिक डेटा प्रसंस्करण के साथ ही संवेदनशील बायोमीट्रिक डेटा के संरक्षण एवं भंडारण के लिए सख्त मानदंडों का प्रावधान किसी भी प्रस्तावित डेटा संरक्षण व्यवस्था में किया जाना चाहिए। आयोग का यह विमर्श पत्र कहता है, चेहरे से पहचान सुनिश्चित करने वाली प्रौद्योगिकी (एफआरटी) भी दूसरे बुद्धिमान एल्गोरिद्म की तरह बुनियादी तौर पर एक डेटा-बाहुल्य प्रौद्योगिकी ही है। एफआरटी प्रणालियों के विकास एवं प्रशिक्षण में इस्तेमाल होने वाले डेटा प्रसंस्करण के दौरान स्वामित्व एवं वैधानिकता को सुनिश्चित करने के लिए देश में जल्द-से-जल्द एक कूटबद्ध डेटा संरक्षण प्रणाली लाना अनिवार्य है। सरकार ने वर्ष 2019 में व्यक्तिगत डेटा संरक्षण विधेयक संसद में पेश किया था लेकिन बाद में उसे वापस ले लिया गया था। सरकार का कहना है कि विधेयक को अस्थायी तौर पर ही वापस लिया गया है और एक नया डेटा संरक्षण विधेयक वह संसद में लेकर आएगी। इस बारे में आयोग ने कहा है कि नए डेटा संरक्षण विधेयक में एक ऐसी रूपरेखा जरूर होनी चाहिए जो डेटा संरक्षण से जुड़े सभी दायित्वों एवं व्यवस्थाओं का ध्यान रखे। नागरिकों की व्यक्तिगत संवेदनशील जानकारियों से संबंधित आंकड़ों को सुरक्षित रखने पर खास ध्यान देना होगा। नीति आयोग ने सरकार को यह सुझाव भी दिया है कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित प्रणालियां लागू करने वाले संगठन इसके नैतिक प्रभावों के आकलन के लिए एक नैतिक समिति का गठन करें।

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गडकरी बोले- पराली से बायो-बिटुमेन बनाने की तकनीक 2-3 महीने में लाएंगे
Business गडकरी बोले- पराली से बायो-बिटुमेन बनाने की तकनीक 2-3 महीने में लाएंगे

गडकरी बोले- पराली से बायो-बिटुमेन बनाने की तकनीक 2-3 महीने में लाएंगे केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने सोमवार को कहा कि अगले दो-तीन महीनों में एक नई तकनीक लाई जाएगी जिसमें ट्रैक्टर में मशीन लगाकर खेत में पराली का इस्तेमाल बायो-बिटुमन बनाने में किया जायेगा। गडकरी ने कुछ सड़क परियोजनाओं की आधारशिला रखने के बाद आयोजित कार्यकार् में कहा कि किसान अन्नदाता होने के साथ ऊर्जादाता भी बन सकते हैं और वे बायो-बिटुमेन बना सकते हैं जिसका उपयोग सड़क बनाने में किया जा सकता है। धान की फसल की कटाई के बाद खेत में बचे हुए उसके ठूंठ को पराली कहा जाता है। गडकरी ने कहा, ‘‘मैंने एक नई तकनीक की रूपरेखा पेश की है जिसे हम दो से तीन महीनों में जारी करेंगे। इस तकनीक में ट्रैक्टर पर लगी एक मशीन से किसानों के खेत पर जाकर पराली से बायो-बिटुमन बनाया जाएगा जिसका उपयोग सड़कों के निर्माण में किया जायेगा।’’ गडकरी ने मध्य प्रदेश के आदिवासी जिले मंडला में 1,261 करोड़ रुपये की लागत वाली सड़क परियोजनाओं की आधारशिला रखी। उन्होंने किसानों की बदलती भूमिका का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘मैं लंबे समय से कह रहा हूं कि देश के किसान ऊर्जा पैदा करने में सक्षम हैं। हमारे किसान केवल अन्नदाता ही नहीं बल्कि ऊर्जादाता भी बन रहे हैं और अब वे सड़क बनाने के लिए बायो-बिटुमन और ईंधन बनाने के लिए इथेनॉल का उत्पादन भी कर सकते हैं।’’ गडकरी के मुताबिक, केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में पेट्रोलियम मंत्री ने जानकारी दी थी कि देश ने गन्ने और अन्य कृषि उत्पादों से निकाले गए ईंधन ग्रेड इथेनॉल को पेट्रोल के साथ मिलाकर 40 हजार करोड़ रुपये मूल्य की विदेशी मुद्रा बचाई है।

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Men’s Health: नाईट शिफ्ट से प्रभावित हो सकती है पुरुषों की प्रजनन क्षमता, ऐसे करें बचाव
Health Men’s Health: नाईट शिफ्ट से प्रभावित हो सकती है पुरुषों की प्रजनन क्षमता, ऐसे करें बचाव

Men’s Health: नाईट शिफ्ट से प्रभावित हो सकती है पुरुषों की प्रजनन क्षमता, ऐसे करें बचाव मौजूदा समय में, लोगों के पास अपने हिसाब से नौकरी करने के विकल्प मौजूद हैं। कई लोग सुबह तो कई रात के समय नौकरी करते हैं। ऐसे में नाईट शिफ्ट में काम करने वाले लोगों की नींद बुरी तरह प्रभावित होती है, जिसका असर उनके स्वास्थ्य पर पड़ता है। नींद की कमी से लोग मोटापे और दिल के रोग जैसी कई गंभीर बीमारियों की चपेट में आ जाते हैं। लेकिन अब ये बात सामने आई है कि अनिश्चित काम के घंटों या नाईट शिफ्ट से पुरुषों की सेक्स ड्राइव में कमी आ सकती है। इतना ही नहीं इसकी वजह से पुरुषों के बाप बनने की संभावना भी कम हो जाती है। इसे भी पढ़ें: रूमेटाइड अर्थराइटिस महिलाओं के लिए बन सकता है जानलेवा, भूलकर भी ना करें इन पदार्थों का सेवन

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केंज टेक्नोलॉजी ने आईपीओ के लिए किया मूल्य दायरा तय, आईपीओ 10 नवंबर को खुलेगा
Business केंज टेक्नोलॉजी ने आईपीओ के लिए किया मूल्य दायरा तय, आईपीओ 10 नवंबर को खुलेगा

केंज टेक्नोलॉजी ने आईपीओ के लिए किया मूल्य दायरा तय, आईपीओ 10 नवंबर को खुलेगा इलेक्ट्रॉनिक्स प्रणाली एवं डिजाइन विनिर्माण सेवा क्षेत्र की कंपनी केंज टेक्नोलॉजी इंडिया लिमिटेड (केटीआईएल) ने सोमवार को अपने 530 करोड़ रुपये के आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के लिए मूल्य दायरा 559-587 रुपये प्रति शेयर तय किया है। आईपीओ 10 नवंबर को खुलेगा। दस्तावेजों के अनुसार, आईपीओ 14 नवंबर को बंद होगा। एंकर निवेशक शेयरों के लिए नौ नवंबर को बोली लगा सकेंगे।

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मैक्रोटेक डेवलपर्स की शॉपिंग मॉल, कार्यालय स्थल बेचने की योजना
Business मैक्रोटेक डेवलपर्स की शॉपिंग मॉल, कार्यालय स्थल बेचने की योजना

मैक्रोटेक डेवलपर्स की शॉपिंग मॉल, कार्यालय स्थल बेचने की योजना रियल्टी कंपनी मैक्रोटेक डेवलपर्स ने गैर-प्रमुख संपत्तियों के मौद्रीकरण की रणनीति के तहत मार्च तक मुंबई के पास एक शॉपिंग मॉल और 1.

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भारत को साइबर खतरों से निपटने के लिए इंजीनियरों की दक्षता बढ़ाने पर निवेश की जरूरत: विशेषज्ञ
International भारत को साइबर खतरों से निपटने के लिए इंजीनियरों की दक्षता बढ़ाने पर निवेश की जरूरत: विशेषज्ञ

भारत को साइबर खतरों से निपटने के लिए इंजीनियरों की दक्षता बढ़ाने पर निवेश की जरूरत: विशेषज्ञ प्रौद्योगिकी क्षेत्र के एक विशेषज्ञ ने सुझाव दिया है कि भारत सरकार को साइबर खतरों से निपटने के लिए अपने वार्षिक शिक्षा बजट का कम से कम 50 प्रतिशत इंजीनियरों की दक्षता बढ़ाने में निवेश करने की जरूरत है। जापानी कंपनी ट्रेंड माइक्रो में दक्षिण पूर्व एशिया और भारत के उपाध्यक्ष नीलेश जैन ने कहा, ‘‘पहली बात यह कि भारत को पूरे देश में साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम चलाने की आवश्यकता है, जिसमें सभी बड़े और छोटे उद्यमों, सरकारी विभागों और नागरिकों को शामिल किया जाए।’’ उन्होंने कहा कि भारत बहुत सारे इंजीनियर तैयार करता है, लेकिन उन्हें साइबर हमलों से निपटने के लिए गहनता से प्रशिक्षित नहीं किया जाता है। जैन ने कहा कि अब समय आ गया है कि ‘‘विशेषज्ञों के मामले में भारी निवेश किया जाए। खतरों से निपटने के लिए विश्वविद्यालयों को विशेषज्ञ तैयार करने चाहिए।’’ जैन ने शनिवार को पीटीआई से कहा, ‘‘भारत में विश्वविद्यालयों को अब साइबर सुरक्षा इंजीनियरों को तैयार करने पर ध्यान देना चाहिए क्योंकि धोखाधड़ी के मामले तेजी से और अर्थव्यवस्था के सभी क्षेत्रों में फैल रहे हैं।’’ भारत साइबर हमलों का सामना करने वाले शीर्ष 10 देशों में शामिल है। यह अमेरिका और कुछ पश्चिमी देशों के बाद बढ़ते रैंसमवेयर हमलों वाले शीर्ष पांच देशों में भी शामिल है। जैन ने कहा कि अभी परियोजनाओं पर काम करते हुए साइबर सुरक्षा सीखी जाती है, इसलिए कॉलेजों और विश्वविद्यालयों को साइबर सुरक्षा तथा रैंसमवेयरविशेषज्ञ तैयार करने चाहिए। उन्होंने कहा कि इन तेजी से फैल रहे ऑनलाइन खतरों से निपटने के साथ पहले ही खतरों का पता लगाने का माहौल बनाया जाना चाहिए, क्योंकि कई बार बहुत देर हो चुकी होती है। विश्वस्तरीय प्रौद्योगिकी उद्योग में दो दशक से अधिक समय गुजार चुके अहमदाबाद निवासी जैन (43) ने कहा, ‘‘भारत के पास मानव संसाधन हैं। कड़ी मेहनत करने वाले छात्रों का एक बड़ा और लगातार बढ़ता हुआ समूह है, जिनकी दुनिया के साथ अंग्रेजी में संवाद करने की क्षमता उन्हें भविष्य में आने वाली उन्नत तकनीकों के लिए सही तकनीकीविद बनाती है।’’ उन्होंने इस बात की सराहना की कि डिजिटलीकरण पूरे देश में फैल गया है, यहां तक कि किसानों, या पान वाले की दुकान या किराना दुकान पर भी, ऑनलाइन भुगतान लिया जा रहा है तथा कुछ साधारण लोग, जो पर्याप्त रूप से साक्षर नहीं हैं, भी अपने मोबाइल फोन-आधारित ऐप पर काम कर रहे हैं। रैंसमवेयर एक तरह का मालवेयर होता है, जो किसी कंप्यूटर तक पहुंच हासिल कर लेता है और सभी फाइल को इन्क्रिप्टेड कर देता है। डेटा और पहुंच के एवज में सेंधमारों द्वारा फिरौती की मांग की जाती है।

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कोको गॉ डब्ल्यूटीए फाइनल्स से बाहर, इगा स्वियातेक सेमीफाइनल में
Sports कोको गॉ डब्ल्यूटीए फाइनल्स से बाहर, इगा स्वियातेक सेमीफाइनल में

कोको गॉ डब्ल्यूटीए फाइनल्स से बाहर, इगा स्वियातेक सेमीफाइनल में अमेरिका की कोको गॉ राउंड रॉबिन मुकाबले में डारिया कासात्किना से 6 .

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एक रक्त परीक्षण जो एक साथ कई कैंसर की जांच करता है, बीमारी का जल्दी पता लगाता है
International एक रक्त परीक्षण जो एक साथ कई कैंसर की जांच करता है, बीमारी का जल्दी पता लगाता है

एक रक्त परीक्षण जो एक साथ कई कैंसर की जांच करता है, बीमारी का जल्दी पता लगाता है  कैंसर का यदि समय रहते इसके पूरे शरीर में फैलने से पहले पता चल जाए तो यह जान बचाने वाला हो सकता है। यही कारण है कि डॉक्टर विभिन्न प्रकार के तरीकों का उपयोग करके कई सामान्य प्रकार के कैंसर के लिए नियमित जांच की सलाह देते हैं। उदाहरण के लिए कोलन कैंसर के लिए कॉलोनोस्कोपी जांच, जबकि स्तन कैंसर के लिए मैमोग्राम जांच। महत्वपूर्ण होते हुए भी, इन सभी परीक्षणों को करवाना रोगियों के लिए तार्किक रूप से चुनौतीपूर्ण, महंगा और कभी-कभी असुविधाजनक हो सकता है। लेकिन क्या होगा अगर एक ही रक्त परीक्षण सबसे आम प्रकार के कैंसर के लिए एक ही बार में जांच कर सके?

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राष्ट्रपति मुर्मू ने वैज्ञानिकों, नगर नियोजकों, नवप्रवर्तकों से जल संरक्षण प्रौद्योगिकी विकसित करने की अपील की
National राष्ट्रपति मुर्मू ने वैज्ञानिकों, नगर नियोजकों, नवप्रवर्तकों से जल संरक्षण प्रौद्योगिकी विकसित करने की अपील की

राष्ट्रपति मुर्मू ने वैज्ञानिकों, नगर नियोजकों, नवप्रवर्तकों से जल संरक्षण प्रौद्योगिकी विकसित करने की अपील की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने वैज्ञानिकों, नगर नियोजकों और नवोन्मेषकों से ऐसी तकनीक विकसित करने का प्रयास करने की अपील की है जो जल संसाधनों के संरक्षण में मदद करे। उन्होंने इस बात का उल्लेख किया कि जल संरक्षण में प्रौद्योगिकी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। ‘इंडिया वाटर वीक’ के सातवें संस्करण मेंअपने संबोधन के दौरान मुर्मू ने कहा कि स्वच्छ पानी उपलब्ध कराना एक बड़ी चुनौती है जिसके लिए समाज के सभी वर्गों के सहयोग की आवश्यकता है। उन्होंने कहा, “हमारी भावी पीढ़ी की मांगों को पूरा करने के लिए प्रभावी ढंग से जल संरक्षण की आवश्यकता होगी और इसमें प्रौद्योगिकी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। अत: वैज्ञानिकों, नगर नियोजकों और नवोन्मेषकों से मेरी अपील है कि वे जल संसाधनों के संरक्षण की तकनीक विकसित करने का प्रयास करें।” उन्होंने आम लोगों, किसानों, उद्योगपतियों और विशेषकर बच्चों से जल संरक्षण को अपने व्यवहार का हिस्सा बनाने की भी अपील की।

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टेक महिंद्रा का शुद्ध लाभ घटा, दूसरी तिमाही में चार प्रतिशत घटकर 1,285 करोड़ रुपये पर
Business टेक महिंद्रा का शुद्ध लाभ घटा, दूसरी तिमाही में चार प्रतिशत घटकर 1,285 करोड़ रुपये पर

टेक महिंद्रा का शुद्ध लाभ घटा, दूसरी तिमाही में चार प्रतिशत घटकर 1,285 करोड़ रुपये पर टेक महिंद्रा ने मंगलवार को बताया कि उसका एकीकृत शुद्ध लाभ चालू वित्त वर्ष की सितंबर में समाप्त तिमाही में चार प्रतिशत घटकर 1,285 करोड़ रुपये रह गया। देश की पांचवीं सबसे बड़ी आईटी सेवा निर्यातक ने एक साल पहले की समान अवधि में 1,339 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया था। एक बयान के मुताबिक, चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में कंपनी की कुल आय 20.

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‘AAP के मंत्री सत्येंद्र जैन को दी 10 करोड़ रुपये की प्रोटेक्शन मनी’, ठग सुकेश ने लेटर में किया खुलासा, एक्शन में आये LG सक्सेना
National ‘AAP के मंत्री सत्येंद्र जैन को दी 10 करोड़ रुपये की प्रोटेक्शन मनी’, ठग सुकेश ने लेटर में किया खुलासा, एक्शन में आये LG सक्सेना

‘AAP के मंत्री सत्येंद्र जैन को दी 10 करोड़ रुपये की प्रोटेक्शन मनी’, ठग सुकेश ने लेटर में किया खुलासा, एक्शन में आये LG सक्सेना जेल में बंद अपराधी सुकेश चंद्रशेखर ने दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना को पत्र लिखकर आरोप लगाया है कि उन्होंने जेल में बंद आम आदमी पार्टी (आप) के मंत्री सत्येंद्र जैन को 'सुरक्षा राशि' के रूप में 10 करोड़ रुपये का भुगतान किया। पत्र में कॉनमैन सुकेश ने लिखा है कि वह 2015 से AAP नेता को जानते हैं। पत्र में कहा गया है कि AAP को कुल 50 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया था क्योंकि उन्हें दक्षिण भारत में एक महत्वपूर्ण पार्टी की स्थिति का वादा किया गया था।

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सीतारमण ने कहा- तकनीक ने लीक किया गरीबों तक पहुंचने का रास्ता
Business सीतारमण ने कहा- तकनीक ने लीक किया गरीबों तक पहुंचने का रास्ता

सीतारमण ने कहा- तकनीक ने लीक किया गरीबों तक पहुंचने का रास्ता वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि लक्षित लोगों को लाभ हस्तांतरण के लिए सरकार की तरफ से प्रौद्योगिकी की मदद लेने से ‘रिसाव’ बंद होने के साथ ही सुशासन को सुनिश्चित किया जा सका है। सीतारमण ने शुक्रवार को यहां एनटी रामाराव स्मृति व्याख्यान देते हुए कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रौद्योगिकी को अपनाकर सरकारी मदद में होने वाले रिसाव पर काबू पा लिया है। अब कोई रिसाव नहीं होता है और जिस लाभार्थी को वह पैसा मिलना चाहिए, वह मिलने लगा है।’’

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हड्डी फ्रैक्चर के प्रभावी उपचार के आकलन की नई तकनीक
Proventhings हड्डी फ्रैक्चर के प्रभावी उपचार के आकलन की नई तकनीक

हड्डी फ्रैक्चर के प्रभावी उपचार के आकलन की नई तकनीक भारतीय शोधकर्ताओं ने एक ऐसी तकनीक विकसित की है जिसके आधार पर इस बात का आकलन किया जा सकेगा कि जांघ की हड्डी का फ्रैक्चर सर्जरी के बाद किस प्रकार और किस सीमा तक ठीक हो सकता है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) सिमुलेशन मॉडल पर आधारित यह तकनीक सर्जरी के बाद जाँघ की हड्डी के फ्रैक्चर में हो रहे सुधार का आकलन करने में उपयोगी हो सकती है। इसके साथ-साथ यह तकनीक सर्जन को फ्रैक्चर उपचार के लिए आवश्यक सर्जरी से पहले सही इम्प्लांट या तकनीक चुनने में भी मदद कर सकती है।

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तेजी से बढ़ रहा एक साथ 2 कंपनियों में नौकरी का ट्रेंड, क्या भारत में है लीगल? मूनलाइटिंग और इस पर छिड़ी बहस के बारे में जानें
Mri तेजी से बढ़ रहा एक साथ 2 कंपनियों में नौकरी का ट्रेंड, क्या भारत में है लीगल? मूनलाइटिंग और इस पर छिड़ी बहस के बारे में जानें

तेजी से बढ़ रहा एक साथ 2 कंपनियों में नौकरी का ट्रेंड, क्या भारत में है लीगल?

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‘स्ट्रोक’ के सटीक आकलन की नई तकनीक
Proventhings ‘स्ट्रोक’ के सटीक आकलन की नई तकनीक

‘स्ट्रोक’ के सटीक आकलन की नई तकनीक भारत में असमय मौतों का एक प्रमुख कारण स्ट्रोक है। मस्तिष्क के किसी हिस्से में जब रक्त प्रवाह बाधित होता है, तो स्ट्रोक या मस्तिष्क के दौरे की स्थिति बनती है। स्ट्रोक कई प्रकार के होते हैं, जिनमें अधिकतर मामले इस्केमिक स्ट्रोक के होते हैं। मस्तिष्क तक ऑक्सीजन युक्त रक्त पहुँचाने वाली धमनियों में ब्लॉकेज होने से इस्केमिक स्ट्रोक होता है। इस्केमिक स्ट्रोक का पता लगाने के लिए प्रचलित मैग्नेटिक रेज़ोनेंस इमेजिंग (एमआरआई) और कंप्यूटर टोमोग्राफी (सीटी) भरोसेमंद तो है, पर खर्चीली  है। यही कारण है कि यह तकनीक भारत की बड़ी आबादी की पहुँच से बाहर है। यह उल्लेखनीय है कि देश में प्रत्येक 10 लाख लोगों पर केवल एक एमआरआई सेंटर है।

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भारत में हुई 5G सर्विस की एंट्री, इन देशों में हो रहा 6जी तकनीक का इस्तेमाल, नार्वे में 7G की इंटरनेट स्पीड
Mri भारत में हुई 5G सर्विस की एंट्री, इन देशों में हो रहा 6जी तकनीक का इस्तेमाल, नार्वे में 7G की इंटरनेट स्पीड

भारत में हुई 5G सर्विस की एंट्री, इन देशों में हो रहा 6जी तकनीक का इस्तेमाल, नार्वे में 7G की इंटरनेट स्पीड 5जी तकनीक हाई स्पीड इंटरनेट सर्विस का वादा करती है और इसकी मदद से यूजर किसी फिल्म को महज कुछ सेकेंड में डाउनलोड कर सकते हैं। दुनिया के कई हिस्सों में इसकी शुरुआत भी हो चुकी है। त्योहारों से पहले और नवरात्र के विशेष मौके पर देश को नई सौगात मिली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली के प्रगति मैदान में 5जी सेवाओं की लॉन्चिंग कर दी है। ये भारत के लिए खास पल है। भारत ने टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में एक नए युग में प्रवेश कर लिया है। मोबाइल प्रौद्योगिकी का विकास इस हद तक तेजी से बढ़ रहा है कि हम इंटरनेट की उन पीढ़ियों के बारे में बात करने लग गए हैं जिन्हें 20 साल तक सुलझाया नहीं जा सकेगा। दूसरे शब्दों में, हम अभी भी 5जी परिनियोजित कर रहे हैं और लोग 6जी और 7जी के बारे में सोच रहे हैं, जिसमें 6जी नेटवर्क पर दुनिया भर की कई बड़ी कंपनियां काम कर रही हैं। दावा किया जा रहा है कि 2035 तक 6जी एक वास्तविकता बन जाना चाहिए, जिसका अर्थ है कि लोग इसका उपयोग करना शुरू कर देंगे। चीन में 6G की सफलता के बारे में पहले से ही कुछ खबरें हैं। 5जी, 6जी और 7जी के बीच सेलुलर वायरलेस जेनरेशन (जी) गति, सिस्टम, आवृत्ति और प्रौद्योगिकी परिवर्तनों को संदर्भित करता है। प्रत्येक पीढ़ी में कुछ मानक, क्षमताएं, नई विशेषताएं आदि होती हैं, जो इसे पिछले वाले से अलग करती हैं।इसे भी पढ़ें: मोदी सरकार पर राहुल का निशाना, पूछा- क्या कोरोना पीड़ितों के परिवार उचित मुआवजे के हकदार नहीं?

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मिर्गी की सटीक पहचान के लिए नया एल्गोरिद्म
Proventhings मिर्गी की सटीक पहचान के लिए नया एल्गोरिद्म

मिर्गी की सटीक पहचान के लिए नया एल्गोरिद्म मिर्गी तंत्रिका संबंधी एक रोग है, जिसमें मस्तिष्क अचानक विद्युत संकेतों का उत्सर्जन करता है, जिसके परिणामस्वरूप दौरे पड़ते हैं, और चरम मामलों में मृत्यु तक हो सकती है। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ऋषिकेश के सहयोग से भारतीय विज्ञान संस्थान (आईआईएससी) के शोधकर्ताओं ने एक एल्गोरिद्म विकसित किया है, जो मिर्गी की घटनाओं और उसके विभिन्न रूपों की पहचान के लिए मस्तिष्क स्कैन को डिकोड करने में मदद कर सकता है।  मस्तिष्क के अनिश्चित संकेतों की उत्पत्ति के बिंदु के आधार पर, मिर्गी को फोकल या सामान्यीकृत मिर्गी के रूप में वर्गीकृत किया जाता है। जब ये अनियमित संकेत मस्तिष्क में किसी विशिष्ट क्षेत्र तक सीमित होते हैं, तो फोकल मिर्गी होती है। यदि संकेत यादृच्छिक स्थानों पर हैं, तो इसे सामान्यीकृत मिर्गी कहा जाता है। मिर्गी की पहचान के लिए न्यूरोफिज़ियोलॉजिस्ट्स ईईजी (इलेक्ट्रोएन्सेफलोग्राम) का मैन्युअल रूप से निरीक्षण करते हैं, जिससे ऐसे संकेतों का पता लगाया जा सके। आईआईएससी के इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम इंजीनियरिंग विभाग (डीईएसई) में सहायक प्रोफेसर हार्दिक जे.

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