डीप-टेक और ग्रासरूट इनोवेशन फेस्टिवल में दिखी नवोन्मेषी भारत की झलक
Proventhings डीप-टेक और ग्रासरूट इनोवेशन फेस्टिवल में दिखी नवोन्मेषी भारत की झलक

डीप-टेक और ग्रासरूट इनोवेशन फेस्टिवल में दिखी नवोन्मेषी भारत की झलक पंखे के ब्लेड्स पर जमा होने वाले धूल कण पंखे को गन्दा करने के अलावा उसकी कार्यक्षमता को भी प्रभावित करते हैं। इनकी सफाई एक जटिल काम है। अब यह मुश्किल आसान हो गई है, और एक ऐसा फिल्टर ईजाद कर लिया गया है, जिसे पंखे के ब्लेड पर लगाया जा सकता है, जिससे धूल कण ब्लेड पर जमा न होकर फिल्टर में जमा होते रहते हैं। कुछ समय बाद फिल्टर को आसानी से हटाकर साफ किया सकता है।

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कर्नाटक के दावणगेरे में खुला सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क केंद्र
Business कर्नाटक के दावणगेरे में खुला सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क केंद्र

कर्नाटक के दावणगेरे में खुला सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क केंद्र कर्नाटक के दावणगेरे में सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (एसटीपीआई) के एक केंद्र की स्थापना की गई है। यह केंद्र 10,00 वर्गफुट के क्षेत्र में फैला है। यहां विभिन्न सुविधाओं से युक्त 102 सीटों वाला पालना केंद्र (इन्क्यूबेशन सेंटर), नेटवर्क परिचालन केंद्र, सम्मेलन केंद्र समेत अन्य सुविधाएंहैं। कर्नाटक के सूचना प्रौद्योगिकी एवं उच्च शिक्षा मंत्री सी एन अश्वत्थ नारायण ने कहा, ‘‘इससे हमारी ‘बेंगलुरु से आगे’ की पहलों को बढ़ावा मिलेगा।’’ उनके कार्यालय से जारी बयान में कहा गया कि एसटीपीआई केंद्र के साथ-साथ प्रतिभाशाली लेागों और आर्थिक अवसंरचना को देखते हुए बड़ी कंपनियां क्षेत्र की ओर आकर्षित होंगी और यहां अपने परिचालन का विस्तार करेंगी। बयान में कहा गया, ‘‘यह केंद्र कर्नाटक में आईटी की पैठ का विस्तार करने में अहम भूमिका निभाएगा और क्षेत्र के तकनीकी उद्यमियों एवं नवोन्मेषकों को सशक्त करने और उनके विचारों को नवीन उत्पादों में बदलने में मददगार होगा।’’ नारायण ने कहा, ‘‘राज्य के एसटीपीआई केंद्रों के जरिए 35 अरब डॉलर का आईटी निर्यात होता है, वहीं पूरे राज्य का वार्षिक निर्यात 70 अरब डॉलर है।’’ केंद्र का उद्घाटन शुक्रवार को केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्यमंत्री राजीव चंद्रशेखर ने किया।

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सौर पैनल के बेहतर रखरखाव के लिए सेल्फ-क्लीनिंक कोटिंग प्रौद्योगिकी
Proventhings सौर पैनल के बेहतर रखरखाव के लिए सेल्फ-क्लीनिंक कोटिंग प्रौद्योगिकी

सौर पैनल के बेहतर रखरखाव के लिए सेल्फ-क्लीनिंक कोटिंग प्रौद्योगिकी बिजली की बढ़ती माँग और जलवायु परिवर्तन की चुनौतिओं को देखते हुए सौर ऊर्जा का उपयोग महत्वपूर्ण हो जाता है। लेकिन, सौर पैनल का रखरखाव न हो तो ऊर्जा आपूर्ति बाधित हो सकती है। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) जोधपुर के शोधकर्ताओं ने ऐसी सेल्फ-क्लीनिंग कोटिंग प्रौद्योगिकी विकसित की है, जो सौर पैनल्स को साफ रखने में उपयोगी हो सकती है।

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सेबी प्रमुख ने कहा कि बढ़ता डिजिटलीकरण, तकनीक के इस्तेमाल से भविष्य में थर्ड पार्टी वेरिफिकेशन
Business सेबी प्रमुख ने कहा कि बढ़ता डिजिटलीकरण, तकनीक के इस्तेमाल से भविष्य में थर्ड पार्टी वेरिफिकेशन

सेबी प्रमुख ने कहा कि बढ़ता डिजिटलीकरण, तकनीक के इस्तेमाल से भविष्य में थर्ड पार्टी वेरिफिकेशन भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) की चेयरपर्सन माधबी पुरी बुच ने बुधवार को कहा कि प्रौद्योगिकी के कारण जिस स्तर पर डिजिटलीकरण हो रहा है, उसमें ‘तृतीय पक्ष सत्यापन’ ही भविष्य है। उन्होंने ऑडिट और अकाउंट विभाग के ‘ऑडिट’ सप्ताह में कहा कि सरकार के हर विभाग, आंकड़ों की पहुंच समेत हर जगह डिजिटलीकरण तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में तीसरे पक्ष से सत्यापन भविष्य है क्योंकि यह प्रौद्योगिकी के माध्यम से होगा। सेबी प्रमुख ने कहा कि हमारा जोर किसी तीसरे पक्ष से सत्यापन पर है। यह बाजार में प्रस्तुत चीजों की वास्तविक तथा निष्पक्ष तस्वीर को सामने लाने की प्रतिबद्धता से प्रेरित है। उन्होंने कहा कि देश में ऐसी 20 वेबसाइट हैं जिसके जरिये ऑडिटर तीसरे पक्ष से सत्यापन के माध्यम से उन इकाइयों के दावों का सत्यापन कर सकते हैं, जिनका ऑडिट किया जा रहा है। माधबी पुरी बुच ने कहा, ‘‘धोखाधड़ी करने वाले भी प्रौद्योगिकी का उपयोग कर रहे हैं, हम उसका उपयोग गड़बड़ी से बचाव के लिये कर सकते हैं। ऑडिटर तीसरे पक्ष से सत्यापन के लिये जीएसटीएन पोर्टल, बैंक वेबसाइट और अन्य का उपयोग कर सकते हैं।

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चीन की विंटर साजिश, सबक सिखाने के लिए सेना ने बनाया प्लान, हाईटेक ड्रोन, मिसाइलें, तैनात, सर्दी के मौसम में बनाए गए विशेष शेल्टर
National चीन की विंटर साजिश, सबक सिखाने के लिए सेना ने बनाया प्लान, हाईटेक ड्रोन, मिसाइलें, तैनात, सर्दी के मौसम में बनाए गए विशेष शेल्टर

चीन की विंटर साजिश, सबक सिखाने के लिए सेना ने बनाया प्लान, हाईटेक ड्रोन, मिसाइलें, तैनात, सर्दी के मौसम में बनाए गए विशेष शेल्टर ये तो पुरानी कहावत है कि चोर चोरी से जाए लेकिन हेराफेरी से न जाए। कुछ ऐसी ही हालत चीन की है। अंतरराष्ट्रीय मंच पर हाथ मिलाकर बॉर्डर पर कमांडर लेवल की मीटिंग करके चीन खुद के सुधरने का कितना भी हवाला दे लेकिन सच्चाई यही है कि चीन की साजिशें न कभी कम हुई थीं और न कभी होंगी। दो साल से ज्यादा का वक्त बीत चुका है लेकिन भारत और चीन के बीच पूरी तरह से शांति अब भी नहीं हो पाई। दो साल पहले यानी मई 2020 में चीनी सेना ने भारतीय इलाकों में घुसपैठ की कोशिश की थी, जिसका माकूल जवाब आर्मी ने दिया। तब से अब तक 16 बार हाई लेवल मीटिंग हो चुकी है। मगर ड्रैगन अब भी लद्दाख की तरफ नजरें गराए बैठा है। 

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हवा से पेयजल उत्पादन की अक्षय ऊर्जा आधारित तकनीक
Proventhings हवा से पेयजल उत्पादन की अक्षय ऊर्जा आधारित तकनीक

हवा से पेयजल उत्पादन की अक्षय ऊर्जा आधारित तकनीक लगातार बढ़ता पेयजल संकट पूरी दुनिया में एक बड़ी चुनौती बनकर उभरा है। बेंगलुरु स्थित नवोन्मेषी स्टार्टअप- उरावु लैब्स ने इस चुनौती के बीच स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए एक नई एवं टिकाऊ तकनीक पेश की है। हवा की नमी से जल उत्पादन के लिए यह तकनीक शत प्रतिशित अक्षय ऊर्जा पर आधारित है, जो पेयजल के संकट से जूझ रहे इलाकों में परिवर्तनकारी साबित हो सकती है।

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फीफा विश्व कप के दौरान फुटबॉल प्रशंसकों को झेलनी पड़ी मायूसी, जियो में आई तकनीकी गड़बड़ी
Sports फीफा विश्व कप के दौरान फुटबॉल प्रशंसकों को झेलनी पड़ी मायूसी, जियो में आई तकनीकी गड़बड़ी

फीफा विश्व कप के दौरान फुटबॉल प्रशंसकों को झेलनी पड़ी मायूसी, जियो में आई तकनीकी गड़बड़ी फुटबॉल के महाकुंभ की शुरुआत के साथ जहां दुनिया भर में खुशी और उत्साह का माहौल है वहीं भारत में फीफा के उद्घाटन समारोह के दौरान फैंस को काफी निराश होना पड़ा। फीफा की लाइव स्ट्रीमिंग रिलायंस जियो के द्वारा जियो सिनेमा ऐप और पर वेबसाइट पर होनी थी मगर उद्घाटन समारोह शुरू होने के दौरान जियो यूजर्स को टेक्निकल परेशानी का सामना करना पड़ा। फीफा फुटबॉल विश्व कप आधिकारिक तौर पर कतर के 60,000 क्षमता वाले अल बायत स्टेडियम में उद्घाटन समारोह के साथ 20 नवंबर को शुरू हो चुका है। हालांकि फीफा के उद्घाटन समारोह के दौरान फीफा देखने के उत्सुक फैंस को निराशा हाथ लगी है। फुटबॉल फैंस इस प्लेटफॉर्म पर स्ट्रीमिंग की गुणवत्ता से भी नाखुश रहे।  फीफा के उद्घाटन समारोह को देखने की प्रतीक्षा में बैठे भारतीय फुटबॉल फैंस और जियो यूजर्स ने बफरिंग की शिकायत की। यूजर्स का कहना था कि इंटरनेट कनेक्टिविटी अच्छी होने के बाद भी कनेक्टिविटी में परेशानी हुई। फीफा की शुरुआत में ही जियो पर आए इस टेक्निकल समस्या के कारण फैंस ने ट्विटर पर इसकी शिकायत की। फैंस ने कहा कि फीफा देखने का उत्साह जियो की खराब सर्विस के कारण बर्बाद हो गया। वहीं यूजर्स को आ रही समस्या पर जियो ने भी इसे स्वीकार किया। जियो की ओर से कहा गया कि उनकी टीम बफरिंग की समस्या को दूर करने के लिए कड़ी मेहनत कर रही है।  Jio Cinema ऐप ने दिया सुझावबफरिंग की समस्या को लेकर आई परेशानी के बाद जियो ने एक समाधान भी निकाला है। जियो ने ट्वीट किया कि जियो सिनेमा फैंस को शानदार अनुभव देने के लिए हम काम कर रहे है। जियो ने यूजर्स को कहा कि कतर विश्व कप 2022 का आनंद लेने के लिए ऐप को अपडेट कर लें। हालांकि यूजर्स ने जियो के अपडेट के बाद कहा कि नए अपडेट के बाद भी स्ट्रीमिंग में कोई बदलाव नहीं हुआ है। वहीं कुछ यूजर्स ने कहा कि उनके फोन में ऐप अपडेट के बाद बेहतर तरीके से काम कर रहा है। हालांकि देर रात तक भी यूजर्स इसे लेकर काफी परेशान होते रहे। ऐसा रहा फीफा का उद्घाटन

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सीतारमण ने कहा कि पारदर्शी लेखा प्रणाली के लिए नई तकनीक को अपनाना जरूरी है
Business सीतारमण ने कहा कि पारदर्शी लेखा प्रणाली के लिए नई तकनीक को अपनाना जरूरी है

सीतारमण ने कहा कि पारदर्शी लेखा प्रणाली के लिए नई तकनीक को अपनाना जरूरी है केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को कहा कि पारदर्शी लेखा प्रणाली के लिए नयी प्रौद्योगिकी को अपनाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि सतत आर्थिक विकास के लिए पारदर्शी लेखांकन भी बहुत आवश्यक है और भरोसे तथा नैतिक लेखांकन प्रथाओं के बिना पारदर्शिता सुनिश्चित नहीं की जा सकती है। सीतारमण ने ‘लेखाकारों के 21वें वर्ल्ड कांग्रेस’ सम्मेलन के दौरान यह बात कही। वह कॉरपोरेट मामलों की मंत्री भी है। इस सम्मेलन को इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ अकाउंटेंट्स (आईएफसीए) और भारतीय सनदी लेखाकार संस्था (आईसीएआई) संयुक्त रूप से आयोजित कर रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘पारदर्शी लेखा प्रणाली के लिए नयी प्रौद्योगिकी तकनीक को अपनाना आवश्यक है। यह हमारे लोगों की सतत आजीविका और टिकाऊ विनिर्माण एवं सेवाओं के लिए भी आवश्यक है।’’ सीतारमण ने कहा कि वेब 3.

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Bengaluru Tech Summit | बेंगलुरु टेक समिट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बयान, भारत ने गरीबी के खिलाफ जंग में तकनीक को बनाया हथियार
National Bengaluru Tech Summit | बेंगलुरु टेक समिट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बयान, भारत ने गरीबी के खिलाफ जंग में तकनीक को बनाया हथियार

Bengaluru Tech Summit | बेंगलुरु टेक समिट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बयान, भारत ने गरीबी के खिलाफ जंग में तकनीक को बनाया हथियार बेंगलुरु। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस समय बाली में हैं। वहां पर जी20 देशों की बैठक चल रही हैं। इसी बीच बेंगलुरु टेक समिट में पहले से रिकॉर्ड किए गए संदेश के माध्यम से पीएम मोदी ने कहा कि महामारी के दौरान, कम डेटा लागत ने गरीब छात्रों को ऑनलाइन कक्षाओं में भाग लेने में मदद की। वरना छात्र पूरे 2 साल शिक्षा से वंचित रह जाते। भारत प्रौद्योगिकी का उपयोग गरीबी के खिलाफ एक हथियार के रूप में कर रहा है।

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भारत देगा आसियान-भारत विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी कोष में 50 लाख अमेरिकी डॉलर
International भारत देगा आसियान-भारत विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी कोष में 50 लाख अमेरिकी डॉलर

भारत देगा आसियान-भारत विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी कोष में 50 लाख अमेरिकी डॉलर भारत ने जन स्वास्थ्य, नवीकरणीय ऊर्जा और उन्नत कृषि के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए आसियान-भारत विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी कोष में 50 लाख अमेरिकी डॉलर के अतिरिक्त योगदान की घोषणा की। आसियान-भारत और पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन के लिए उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ की कंबोडिया की तीन दिवसीय यात्रा के दौरान यह घोषणा की गई। शनिवार को उन्होंने आसियान-भारत शिखर सम्मेलन को संबोधित किया।

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तमिल भाषा में तकनीकी शिक्षा मुहैया कराए तमिलनाडु सरकारः अमित शाह
National तमिल भाषा में तकनीकी शिक्षा मुहैया कराए तमिलनाडु सरकारः अमित शाह

तमिल भाषा में तकनीकी शिक्षा मुहैया कराए तमिलनाडु सरकारः अमित शाह चेन्नई। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को तमिलनाडु सरकार से तमिल में तकनीकी शिक्षा देने का अनुरोध करने के साथ ही इस दक्षिण भारतीय राज्य को केंद्र की तरफ से दिए गए वित्तीय समर्थन का भी उल्लेख किया। शाह ने यहां सीमेंट कंपनी द इंडिया सीमेंट्स लिमिटेड के हीरक जयंती कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में देश की अर्थव्यवस्था को वर्ष 2025 तक पांच लाख करोड़ डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य हासिल कर लिया जाएगा।  इसे भी पढ़ें: प्रवर्तन निदेशालय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का एक ‘‘राजनीतिक हथियार’’: जयराम रमेश

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जम्मू-कश्मीर में कृषि प्रौद्योगिकी स्टार्टअप के लिए अपार संभावनाएं: डॉ जितेंद्र सिंह
Proventhings जम्मू-कश्मीर में कृषि प्रौद्योगिकी स्टार्टअप के लिए अपार संभावनाएं: डॉ जितेंद्र सिंह

जम्मू-कश्मीर में कृषि प्रौद्योगिकी स्टार्टअप के लिए अपार संभावनाएं: डॉ जितेंद्र सिंह जम्मू-कश्मीर की भौगोलिक परिस्थितियां और जलवायु औषधीय एवं सुगंधित पौधों की खेती के लिए अनुकूल हैं। इसीलिए, यहाँ कृषि प्रौद्योगिकी स्टार्टअप की अपार संभावनाएं हैं। श्रीनगर में बुधवार को स्टार्टअप केंद्रित कश्मीर-एक्स्पो का उद्घाटन करते हुए केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी एवं पृथ्वी विज्ञान राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और पीएमओ, कार्मिक, लोक शिकायत, पेंशन, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष राज्यमंत्री, डॉ जितेंद्र सिंह ने यह बात कही है। 

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बेंगलुरु प्रौद्योगिकी शिखर सम्मेलन को संबोधित करेंगे प्रधानमंत्री मोदी
Business बेंगलुरु प्रौद्योगिकी शिखर सम्मेलन को संबोधित करेंगे प्रधानमंत्री मोदी

बेंगलुरु प्रौद्योगिकी शिखर सम्मेलन को संबोधित करेंगे प्रधानमंत्री मोदी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों एशिया के सबसे बड़े प्रौद्योगिकी कार्यक्रम बेंगलुरु टेक समिट के उद्घाटन सत्र को 16 नवंबर को संबोधित करेंगे। कर्नाटक सरकार का इलेक्ट्रॉनिक्स, सूचना प्रौद्योगिकी, जैव प्रौद्योगिकी तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क ऑफ इंडिया (एसटीपीआई) के साथ मिलकर 16-18 नंवबर को शिखर सम्मेलन का आयोजित कर रहा है। सम्मेलन का यह 25वां सत्र है। इलेक्ट्रॉनिक्स, सूचना प्रौद्योगिकी, जैव प्रौद्योगिकी तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव ई वी रमण रेड्डी ने कहा कि मोदी और मैक्रों का संबोधन रिकॉर्ड किया हुआ होगा। इस कार्यक्रम में भाग लेने वाले प्रमुख व्यक्तियों में संयुक्त अरब अमीरात केकृत्रिम मेधा (एआई) और डिजिटल अर्थव्यवस्था मामलों के राज्यमंत्री उमर बिन सुल्तान अल ओलमा, ऑस्ट्रेलिया के विदेश मामलों के सहायक मंत्री टिम वाट्स और फिनलैंड के विज्ञान तथा संस्कृति मंत्री पेट्री होंकोनेन शामिल हैं।

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सरकार ने एनसीएलटी में 15 न्यायिक, तकनीकी सदस्यों को नियुक्त किया
Business सरकार ने एनसीएलटी में 15 न्यायिक, तकनीकी सदस्यों को नियुक्त किया

सरकार ने एनसीएलटी में 15 न्यायिक, तकनीकी सदस्यों को नियुक्त किया सरकार ने राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) में 15 न्यायिक और तकनीकी सदस्यों को नियुक्त किया है। न्यायाधिकरण इस समय न्यायाधीशों की कमी से जूझ रहा है। एनसीएलटी दिवाला एवं ऋण शोधन अक्षमता संहिता और कंपनी कानून से जुड़े मामलों को देखता है। आधिकारिक आदेश के अनुसार, एनसीएलटी में नौ न्यायिक और छह तकनीकी सदस्य नियुक्त किये गये हैं। इन सदस्यों को पदभार ग्रहण करने की तारीख से पांच साल या 65 साल की आयु पूरा होने तक, जो भी पहले हो, के लिये नियुक्त किया गया है। पांच नवंबर के आदेश के अनुसार, मद्रास उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) टी कृष्णा वल्ली, इलाहाबाद उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) विकास कुंवर श्रीवास्तव, कानूनी मामलों के विभाग में वरिष्ठ सरकारी वकील महेंद्र खंडेलवाल, केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (सीएटी) में न्यायिक सदस्य बिदिशा बनर्जी, अधिवक्ता प्रवीण गुप्ता और अशोक कुमार भारद्वाज न्यायिक सदस्यों में शामिल हैं। अन्य सदस्यों में सेवानिवृत्त जिला न्यायाधीश (पंजाब) कुलदीप कुमार करीर, सेवानिवृत्त जिला न्यायाधीश (गौतमबुद्ध नगर) विशेष शर्मा और वाणिज्यिक अदालत में जिला अदालत न्यायाधीश (दिल्ली उच्च न्यायिक सेवा) संजीव जैन शामिल हैं। तकनीकी सदस्यों में चार्टर्ड अकाउंटेंट प्रभात कुमार, यूको बैंक के पूर्व कार्यकारी निदेशक चरण सिंह, केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) की पूर्व सदस्य अनु जगमोहन सिंह, सेवानिवृत्त प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त आशीष वर्मा, सिटी बैंक इंडिया में पूर्व निदेशक मधु सिन्हा और पशुपालन और डेयरी विभाग में पूर्व सचिव अतुल चतुर्वेदी शामिल हैं। एनसीएलटी की कुल 28 शाखाएं हैं और मंजूर सदस्यों की संख्या 63 है। इसमें 31 सदस्य न्यायायिक और 31 सदस्य प्रशासनिक श्रेणी से आते हैं। अध्यक्ष नयी दिल्ली में प्रधान पीठ की अध्यक्षता करते हैं।

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गडकरी बोले- पराली से बायो-बिटुमेन बनाने की तकनीक 2-3 महीने में लाएंगे
Business गडकरी बोले- पराली से बायो-बिटुमेन बनाने की तकनीक 2-3 महीने में लाएंगे

गडकरी बोले- पराली से बायो-बिटुमेन बनाने की तकनीक 2-3 महीने में लाएंगे केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने सोमवार को कहा कि अगले दो-तीन महीनों में एक नई तकनीक लाई जाएगी जिसमें ट्रैक्टर में मशीन लगाकर खेत में पराली का इस्तेमाल बायो-बिटुमन बनाने में किया जायेगा। गडकरी ने कुछ सड़क परियोजनाओं की आधारशिला रखने के बाद आयोजित कार्यकार् में कहा कि किसान अन्नदाता होने के साथ ऊर्जादाता भी बन सकते हैं और वे बायो-बिटुमेन बना सकते हैं जिसका उपयोग सड़क बनाने में किया जा सकता है। धान की फसल की कटाई के बाद खेत में बचे हुए उसके ठूंठ को पराली कहा जाता है। गडकरी ने कहा, ‘‘मैंने एक नई तकनीक की रूपरेखा पेश की है जिसे हम दो से तीन महीनों में जारी करेंगे। इस तकनीक में ट्रैक्टर पर लगी एक मशीन से किसानों के खेत पर जाकर पराली से बायो-बिटुमन बनाया जाएगा जिसका उपयोग सड़कों के निर्माण में किया जायेगा।’’ गडकरी ने मध्य प्रदेश के आदिवासी जिले मंडला में 1,261 करोड़ रुपये की लागत वाली सड़क परियोजनाओं की आधारशिला रखी। उन्होंने किसानों की बदलती भूमिका का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘मैं लंबे समय से कह रहा हूं कि देश के किसान ऊर्जा पैदा करने में सक्षम हैं। हमारे किसान केवल अन्नदाता ही नहीं बल्कि ऊर्जादाता भी बन रहे हैं और अब वे सड़क बनाने के लिए बायो-बिटुमन और ईंधन बनाने के लिए इथेनॉल का उत्पादन भी कर सकते हैं।’’ गडकरी के मुताबिक, केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में पेट्रोलियम मंत्री ने जानकारी दी थी कि देश ने गन्ने और अन्य कृषि उत्पादों से निकाले गए ईंधन ग्रेड इथेनॉल को पेट्रोल के साथ मिलाकर 40 हजार करोड़ रुपये मूल्य की विदेशी मुद्रा बचाई है।

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केंज टेक्नोलॉजी ने आईपीओ के लिए किया मूल्य दायरा तय, आईपीओ 10 नवंबर को खुलेगा
Business केंज टेक्नोलॉजी ने आईपीओ के लिए किया मूल्य दायरा तय, आईपीओ 10 नवंबर को खुलेगा

केंज टेक्नोलॉजी ने आईपीओ के लिए किया मूल्य दायरा तय, आईपीओ 10 नवंबर को खुलेगा इलेक्ट्रॉनिक्स प्रणाली एवं डिजाइन विनिर्माण सेवा क्षेत्र की कंपनी केंज टेक्नोलॉजी इंडिया लिमिटेड (केटीआईएल) ने सोमवार को अपने 530 करोड़ रुपये के आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के लिए मूल्य दायरा 559-587 रुपये प्रति शेयर तय किया है। आईपीओ 10 नवंबर को खुलेगा। दस्तावेजों के अनुसार, आईपीओ 14 नवंबर को बंद होगा। एंकर निवेशक शेयरों के लिए नौ नवंबर को बोली लगा सकेंगे।

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मैक्रोटेक डेवलपर्स की शॉपिंग मॉल, कार्यालय स्थल बेचने की योजना
Business मैक्रोटेक डेवलपर्स की शॉपिंग मॉल, कार्यालय स्थल बेचने की योजना

मैक्रोटेक डेवलपर्स की शॉपिंग मॉल, कार्यालय स्थल बेचने की योजना रियल्टी कंपनी मैक्रोटेक डेवलपर्स ने गैर-प्रमुख संपत्तियों के मौद्रीकरण की रणनीति के तहत मार्च तक मुंबई के पास एक शॉपिंग मॉल और 1.

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भारत को साइबर खतरों से निपटने के लिए इंजीनियरों की दक्षता बढ़ाने पर निवेश की जरूरत: विशेषज्ञ
International भारत को साइबर खतरों से निपटने के लिए इंजीनियरों की दक्षता बढ़ाने पर निवेश की जरूरत: विशेषज्ञ

भारत को साइबर खतरों से निपटने के लिए इंजीनियरों की दक्षता बढ़ाने पर निवेश की जरूरत: विशेषज्ञ प्रौद्योगिकी क्षेत्र के एक विशेषज्ञ ने सुझाव दिया है कि भारत सरकार को साइबर खतरों से निपटने के लिए अपने वार्षिक शिक्षा बजट का कम से कम 50 प्रतिशत इंजीनियरों की दक्षता बढ़ाने में निवेश करने की जरूरत है। जापानी कंपनी ट्रेंड माइक्रो में दक्षिण पूर्व एशिया और भारत के उपाध्यक्ष नीलेश जैन ने कहा, ‘‘पहली बात यह कि भारत को पूरे देश में साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम चलाने की आवश्यकता है, जिसमें सभी बड़े और छोटे उद्यमों, सरकारी विभागों और नागरिकों को शामिल किया जाए।’’ उन्होंने कहा कि भारत बहुत सारे इंजीनियर तैयार करता है, लेकिन उन्हें साइबर हमलों से निपटने के लिए गहनता से प्रशिक्षित नहीं किया जाता है। जैन ने कहा कि अब समय आ गया है कि ‘‘विशेषज्ञों के मामले में भारी निवेश किया जाए। खतरों से निपटने के लिए विश्वविद्यालयों को विशेषज्ञ तैयार करने चाहिए।’’ जैन ने शनिवार को पीटीआई से कहा, ‘‘भारत में विश्वविद्यालयों को अब साइबर सुरक्षा इंजीनियरों को तैयार करने पर ध्यान देना चाहिए क्योंकि धोखाधड़ी के मामले तेजी से और अर्थव्यवस्था के सभी क्षेत्रों में फैल रहे हैं।’’ भारत साइबर हमलों का सामना करने वाले शीर्ष 10 देशों में शामिल है। यह अमेरिका और कुछ पश्चिमी देशों के बाद बढ़ते रैंसमवेयर हमलों वाले शीर्ष पांच देशों में भी शामिल है। जैन ने कहा कि अभी परियोजनाओं पर काम करते हुए साइबर सुरक्षा सीखी जाती है, इसलिए कॉलेजों और विश्वविद्यालयों को साइबर सुरक्षा तथा रैंसमवेयरविशेषज्ञ तैयार करने चाहिए। उन्होंने कहा कि इन तेजी से फैल रहे ऑनलाइन खतरों से निपटने के साथ पहले ही खतरों का पता लगाने का माहौल बनाया जाना चाहिए, क्योंकि कई बार बहुत देर हो चुकी होती है। विश्वस्तरीय प्रौद्योगिकी उद्योग में दो दशक से अधिक समय गुजार चुके अहमदाबाद निवासी जैन (43) ने कहा, ‘‘भारत के पास मानव संसाधन हैं। कड़ी मेहनत करने वाले छात्रों का एक बड़ा और लगातार बढ़ता हुआ समूह है, जिनकी दुनिया के साथ अंग्रेजी में संवाद करने की क्षमता उन्हें भविष्य में आने वाली उन्नत तकनीकों के लिए सही तकनीकीविद बनाती है।’’ उन्होंने इस बात की सराहना की कि डिजिटलीकरण पूरे देश में फैल गया है, यहां तक कि किसानों, या पान वाले की दुकान या किराना दुकान पर भी, ऑनलाइन भुगतान लिया जा रहा है तथा कुछ साधारण लोग, जो पर्याप्त रूप से साक्षर नहीं हैं, भी अपने मोबाइल फोन-आधारित ऐप पर काम कर रहे हैं। रैंसमवेयर एक तरह का मालवेयर होता है, जो किसी कंप्यूटर तक पहुंच हासिल कर लेता है और सभी फाइल को इन्क्रिप्टेड कर देता है। डेटा और पहुंच के एवज में सेंधमारों द्वारा फिरौती की मांग की जाती है।

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राष्ट्रपति मुर्मू ने वैज्ञानिकों, नगर नियोजकों, नवप्रवर्तकों से जल संरक्षण प्रौद्योगिकी विकसित करने की अपील की
National राष्ट्रपति मुर्मू ने वैज्ञानिकों, नगर नियोजकों, नवप्रवर्तकों से जल संरक्षण प्रौद्योगिकी विकसित करने की अपील की

राष्ट्रपति मुर्मू ने वैज्ञानिकों, नगर नियोजकों, नवप्रवर्तकों से जल संरक्षण प्रौद्योगिकी विकसित करने की अपील की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने वैज्ञानिकों, नगर नियोजकों और नवोन्मेषकों से ऐसी तकनीक विकसित करने का प्रयास करने की अपील की है जो जल संसाधनों के संरक्षण में मदद करे। उन्होंने इस बात का उल्लेख किया कि जल संरक्षण में प्रौद्योगिकी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। ‘इंडिया वाटर वीक’ के सातवें संस्करण मेंअपने संबोधन के दौरान मुर्मू ने कहा कि स्वच्छ पानी उपलब्ध कराना एक बड़ी चुनौती है जिसके लिए समाज के सभी वर्गों के सहयोग की आवश्यकता है। उन्होंने कहा, “हमारी भावी पीढ़ी की मांगों को पूरा करने के लिए प्रभावी ढंग से जल संरक्षण की आवश्यकता होगी और इसमें प्रौद्योगिकी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। अत: वैज्ञानिकों, नगर नियोजकों और नवोन्मेषकों से मेरी अपील है कि वे जल संसाधनों के संरक्षण की तकनीक विकसित करने का प्रयास करें।” उन्होंने आम लोगों, किसानों, उद्योगपतियों और विशेषकर बच्चों से जल संरक्षण को अपने व्यवहार का हिस्सा बनाने की भी अपील की।

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टेक महिंद्रा का शुद्ध लाभ घटा, दूसरी तिमाही में चार प्रतिशत घटकर 1,285 करोड़ रुपये पर
Business टेक महिंद्रा का शुद्ध लाभ घटा, दूसरी तिमाही में चार प्रतिशत घटकर 1,285 करोड़ रुपये पर

टेक महिंद्रा का शुद्ध लाभ घटा, दूसरी तिमाही में चार प्रतिशत घटकर 1,285 करोड़ रुपये पर टेक महिंद्रा ने मंगलवार को बताया कि उसका एकीकृत शुद्ध लाभ चालू वित्त वर्ष की सितंबर में समाप्त तिमाही में चार प्रतिशत घटकर 1,285 करोड़ रुपये रह गया। देश की पांचवीं सबसे बड़ी आईटी सेवा निर्यातक ने एक साल पहले की समान अवधि में 1,339 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया था। एक बयान के मुताबिक, चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में कंपनी की कुल आय 20.

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सीतारमण ने कहा- तकनीक ने लीक किया गरीबों तक पहुंचने का रास्ता
Business सीतारमण ने कहा- तकनीक ने लीक किया गरीबों तक पहुंचने का रास्ता

सीतारमण ने कहा- तकनीक ने लीक किया गरीबों तक पहुंचने का रास्ता वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि लक्षित लोगों को लाभ हस्तांतरण के लिए सरकार की तरफ से प्रौद्योगिकी की मदद लेने से ‘रिसाव’ बंद होने के साथ ही सुशासन को सुनिश्चित किया जा सका है। सीतारमण ने शुक्रवार को यहां एनटी रामाराव स्मृति व्याख्यान देते हुए कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रौद्योगिकी को अपनाकर सरकारी मदद में होने वाले रिसाव पर काबू पा लिया है। अब कोई रिसाव नहीं होता है और जिस लाभार्थी को वह पैसा मिलना चाहिए, वह मिलने लगा है।’’

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हड्डी फ्रैक्चर के प्रभावी उपचार के आकलन की नई तकनीक
Proventhings हड्डी फ्रैक्चर के प्रभावी उपचार के आकलन की नई तकनीक

हड्डी फ्रैक्चर के प्रभावी उपचार के आकलन की नई तकनीक भारतीय शोधकर्ताओं ने एक ऐसी तकनीक विकसित की है जिसके आधार पर इस बात का आकलन किया जा सकेगा कि जांघ की हड्डी का फ्रैक्चर सर्जरी के बाद किस प्रकार और किस सीमा तक ठीक हो सकता है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) सिमुलेशन मॉडल पर आधारित यह तकनीक सर्जरी के बाद जाँघ की हड्डी के फ्रैक्चर में हो रहे सुधार का आकलन करने में उपयोगी हो सकती है। इसके साथ-साथ यह तकनीक सर्जन को फ्रैक्चर उपचार के लिए आवश्यक सर्जरी से पहले सही इम्प्लांट या तकनीक चुनने में भी मदद कर सकती है।

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तेजी से बढ़ रहा एक साथ 2 कंपनियों में नौकरी का ट्रेंड, क्या भारत में है लीगल? मूनलाइटिंग और इस पर छिड़ी बहस के बारे में जानें
Mri तेजी से बढ़ रहा एक साथ 2 कंपनियों में नौकरी का ट्रेंड, क्या भारत में है लीगल? मूनलाइटिंग और इस पर छिड़ी बहस के बारे में जानें

तेजी से बढ़ रहा एक साथ 2 कंपनियों में नौकरी का ट्रेंड, क्या भारत में है लीगल?

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‘स्ट्रोक’ के सटीक आकलन की नई तकनीक
Proventhings ‘स्ट्रोक’ के सटीक आकलन की नई तकनीक

‘स्ट्रोक’ के सटीक आकलन की नई तकनीक भारत में असमय मौतों का एक प्रमुख कारण स्ट्रोक है। मस्तिष्क के किसी हिस्से में जब रक्त प्रवाह बाधित होता है, तो स्ट्रोक या मस्तिष्क के दौरे की स्थिति बनती है। स्ट्रोक कई प्रकार के होते हैं, जिनमें अधिकतर मामले इस्केमिक स्ट्रोक के होते हैं। मस्तिष्क तक ऑक्सीजन युक्त रक्त पहुँचाने वाली धमनियों में ब्लॉकेज होने से इस्केमिक स्ट्रोक होता है। इस्केमिक स्ट्रोक का पता लगाने के लिए प्रचलित मैग्नेटिक रेज़ोनेंस इमेजिंग (एमआरआई) और कंप्यूटर टोमोग्राफी (सीटी) भरोसेमंद तो है, पर खर्चीली  है। यही कारण है कि यह तकनीक भारत की बड़ी आबादी की पहुँच से बाहर है। यह उल्लेखनीय है कि देश में प्रत्येक 10 लाख लोगों पर केवल एक एमआरआई सेंटर है।

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